
Global Survey: वैश्विक मंच पर भारत की साख और कूटनीतिक प्रभाव में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी स्प्रिंग 2026 'ग्लोबल एटीट्यूड सर्वे' के नतीजे इस बात की पूरी तरह से पुष्टि करते हैं कि दुनिया के बड़े हिस्से में भारत को लेकर एक मजबूत और सकारात्मक सद्भावना मौजूद है। इस विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 36 देशों में औसतन 45 प्रतिशत वयस्क नागरिक भारत के प्रति सकारात्मक और अनुकूल नजरिया रखते हैं। यह सर्वेक्षण इसी साल 8 फरवरी से 13 मई के बीच 42 हजार से अधिक लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें वैश्विक स्तर पर भारत की छवि प्रतिकूल के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक अनुकूल पाई गई है।
इस सर्वेक्षण का सबसे दिलचस्प पहलू भारत के पड़ोसी देशों की राय में दिखने वाला जमीन-आसमान का अंतर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत को लेकर सबसे अधिक सकारात्मक माहौल पड़ोसी देश श्रीलंका में देखने को मिला है। सर्वेक्षण में शामिल श्रीलंका के 79 प्रतिशत लोगों ने भारत को अनुकूल दृष्टि से देखने की बात कही है। यह विशाल आंकड़ा दोनों देशों के बीच गहरे लोगों के आपसी संपर्क, सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की गवाही देता है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान में भारत की छवि बिल्कुल इसके उलट है। पाकिस्तान में महज 7 प्रतिशत लोगों ने ही भारत के प्रति सकारात्मक राय व्यक्त की है। इसके अलावा तुर्किये में 15 प्रतिशत, पूर्वी यरुशलम और वेस्ट बैंक के क्षेत्रों में मात्र 18 प्रतिशत लोगों का नजरिया भारत के लिए अनुकूल पाया गया।
दक्षिण एशिया की सीमाओं से परे जाकर देखें, तो दुनिया के कई बेहद प्रभावशाली और ताकतवर देशों में भी भारत की मजबूत पकड़ दिखाई देती है। ब्रिटेन और केन्या जैसे देशों में लगभग दस में से सात वयस्क भारत की तारीफ करते हैं और उसे सकारात्मक नजरिए से देखते हैं। सटीक आंकड़ों की बात करें तो यूनाइटेड किंगडम में 71 प्रतिशत, जर्मनी में 63 प्रतिशत और इजरायल में 60 प्रतिशत लोगों ने भारत के पक्ष में अपनी राय दी है। इनके अलावा जापान, इटली, स्वीडन और थाईलैंड जैसे देशों के बहुसंख्यक नागरिक भी भारत के प्रति अच्छी सोच रखते हैं। इस पूरी रिपोर्ट में यूरोप भारत के लिए एक विशेष रूप से अनुकूल क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां ज्यादातर देशों में नकारात्मक विचारों की तुलना में सकारात्मक विचार काफी अधिक हैं।
प्यू रिसर्च के ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब यूरोप, एशिया, अफ्रीका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का कूटनीतिक व आर्थिक दायरा तेजी से फैल रहा है। आज भारत सिर्फ अपनी मजबूत होती अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि अहम रणनीतिक साझेदारियों के लिए भी विश्व पटल पर एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत का बढ़ता दखल और सशक्त विदेश नीति उसकी ग्लोबल छवि को लगातार निखार रही है। इस सर्वेक्षण से यह साफ तौर पर जाहिर होता है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान अब दुनिया के किसी एक विशेष गुट तक सिमट कर नहीं रह गई है, बल्कि यह हर महाद्वीप में अपना विस्तार कर चुकी है।