
India-Indonesia Relation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है। इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों में और मजबूती आई है। जकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए। रक्षा समझौतों की बात करें तो ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन को देखते हुए इंडोनेशिया ने भारत से हवा से हवा में मार करने वाली ‘अस्त्र’ मिसाइलें खरीदने का फैसला किया है। इसके अलावा, इसके अलावा इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस की अतिरिक्त यूनिट खरीदेगा करेगा।। फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला तीसरा देश है।
इसके अतिरिक्त, भारत इंडोनेशिया को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में मदद करेगा। इसे भारत की चुनावी व्यवस्था में इंडोनेशिया के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं सबसे पहले अपने मित्र राष्ट्रपति प्रबोवो को शानदार स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'उनके निमंत्रण पर इंडोनेशिया आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आज सुबह मुझे बहुत सम्मान और आदर के साथ सर्वोच्च सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार सभी भारतीयों, इंडोनेशियाई लोगों के स्नेह और हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को समर्पित है।'
इससे पहले मंगलवार को जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया। घोड़े पर सवार गार्ड, औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' और उत्साहित भीड़ के साथ इंडोनेशिया की उनकी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत हुई।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री का स्वागत किया। दिन में बाद में होने वाली उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।
घोड़े पर सवार गार्ड से लेकर शानदार पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक, इंडोनेशिया ने पीएम मोदी के लिए भव्य स्वागत का आयोजन किया। पीएम मोदी अभी अपनी तीन देशों की राजनयिक यात्रा के शुरुआती चरण में हैं।
अस्त्र (Astra) भारत की पहली स्वदेशी 'बियॉन्ड विजुअल रेंज' हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने विकसित किया है। इसे लड़ाकू विमानों से दुश्मन के विमानों को नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है। अस्त्र मार्क-1 की क्षमता 100 किमी से अधिक है। इसके अगले वैरिएंट पर भी काम चल रहा है, जिसकी मारक क्षमता 160 से 350 किमी होगी।
अस्त्र मिसाइल ध्वनि की गति से करीब 4.5 गुना तेजी से लक्ष्य से आगे बढ़ती है। यह लगभग 15 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है, जो कि दुश्मन फाइटर जेट परखच्चे उड़ाने के लिए काफी है।
दुनिया के सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर संयुक्त रूप से विकसित किया है। इस मिसाइल की अधिकतम गति 2.8 मैक यानी ध्वनि से लगभग तीन गुना अधिक है। यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चमका देने में सक्षम है।