
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच चल रहे युद्ध ने विराम के बाद और भी तेज़ी पकड़ ली है। 7 अक्टूबर को हमास के इज़रायल पर हमले के बाद शुरू हुए युद्ध तब और बढ़ गया जब इज़रायली सेना ने हमास के खिलाफ गाज़ा और आसपास के इलाकों में हमले शुरू कर दिए। इज़रायली हमलों की वजह से अब तक 18 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी हैं। घायलों और विस्थापितों का आंकड़ा भी काफी ज़्यादा है। इस युद्ध से गाज़ा में काफी तबाही मच रही है। 24 नवंबर से युद्ध पर पहले 4 दिन के लिए, फिर 2 दिन और फिर 1 दिन यानी कि एक हफ्ते का विराम ज़रूर लगा पर उसके खत्म होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। इस दौरान सीज़फायर के पालन के साथ ही कई फिलिस्तीनी कैदियों और इज़रायली/विदेशी बंधकों की रिहाई भी हुई। ऐसे में कतर (Qatar) की कोशिशें अभी भी जारी हैं।
युद्ध विराम को फिर से शुरू कराने की कतर की कोशिशें जारी
इज़रायल और हमास युद्ध पर पहली बार लगे विराम में कतर ने मध्यस्थता करते हुए अहम भूमिका निभाई थी। युद्ध विराम तो खत्म हो चुका है पर कतर की कोशिशें अभी भी जारी हैं। कतर लगातार इज़रायल और हमास के बीच युद्ध विराम को फिर से शुरू करवाने की कोशिशों में लगा हुआ है।
हार नहीं मानेगा कतर
कतर के पीएम मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी (Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani) ने इस मामले में बात करते हुए बताया कि कतर हार नहीं मानेगा और इज़रायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध पर फिर से विराम लगवाने की कोशिशें जारी रखेगा।
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