अमेरिका में विदेशी डॉक्टरों और नर्सों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। प्रतिनिधि सभा में पेश द्विदलीय विधेयक एच-1बी वीजा पर 1,00,000 डॉलर शुल्क हटाने का प्रस्ताव करता है, जिससे अस्पतालों को स्टाफ की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
H-1B Visa: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण द्विदलीय विधेयक पेश किया गया, जिसका उद्देश्य विदेशी स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए मौजूद वित्तीय बाधाओं को कम करना है। इस प्रस्तावित कानून के तहत डॉक्टरों और नर्सों जैसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य कर्मियों पर लागू भारी-भरकम एच-1बी वीजा आवेदन शुल्क जो लगभग 1,00,000 डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) है, को समाप्त करने की योजना बनाई गई है। यह कदम उन अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जो लंबे समय से कुशल स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं। इसमें और भी कई प्रकार के योजनाओं पर काम किया गया है।
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी स्वास्थ्य प्रणाली पर बढ़ते दबाव को कम करना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स उपलब्ध नहीं हैं। कई अस्पताल और क्लीनिक अपनी सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए विदेशी पेशेवरों पर निर्भर हैं, लेकिन अत्यधिक वीजा शुल्क उनके लिए बड़ी आर्थिक बाधा बन गया है। यदि यह शुल्क समाप्त कर दिया जाता है, तो इन संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा को नियुक्त करना अधिक सस्ता और आसान हो जाएगा।
यह शुल्क पहली बार पिछले वर्ष सितंबर में लागू किया गया था और इसे काफी विवादास्पद माना गया। इसके तहत अमेरिकी नियोक्ताओं को हर नए कुशल विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने के लिए एक लाख डॉलर तक का भुगतान करना पड़ता है। इस नियम ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रभावित किया, क्योंकि यहां पहले से ही कार्यबल की कमी बनी हुई है। स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण तब हो जाती है जब 1 जुलाई के आसपास नए मेडिकल रेजिडेंट्स अस्पतालों में शामिल होते हैं। उस समय बड़ी संख्या में नियुक्तियों की आवश्यकता होती है, और भारी शुल्क के कारण कई संस्थानों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो इससे न केवल अस्पतालों को राहत मिलेगी, बल्कि मरीजों को भी बेहतर और समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही, यह कदम अमेरिकी स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक मजबूत और लचीला बनाने में मदद कर सकता है।