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“ईरान अब नहीं बना पायेगा मिसाइलें…”, मीडिया के सामने आए बेंजामिन नेतन्याहू, युद्ध को लेकर किया ये दावा

इजरायल-ईरान संघर्ष पर पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान, 20 दिन की लड़ाई के बाद जीत का दावा। ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर बताई, अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी पर जोर। जानें युद्ध, राजनीति और क्षेत्रीय हालात पर उनकी पूरी प्रतिक्रिया और अहम दावे।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 20, 2026

Benjamin Netanyahu

Benjamin Netanyahu(Image-'X'/@netanyahu)

Iran Israel war: इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू(Benjamin Netanyahu) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेतन्याहू ने कई बड़े दावे किए हैं। विदेशी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इजरायल इस संघर्ष में बढ़त बना चुका है और हालात उनके पक्ष में जा रहे हैं।करीब 20 दिनों तक चले इस संघर्ष को लेकर नेतन्याहू का कहना है कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि अब ईरान के पास न तो यूरेनियम संवर्धन की ताकत बची है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता। उनके मुताबिक, “हम जीत की तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि ईरान कमजोर हो रहा है।”

मैं पूरी तरह सुरक्षित- नेतन्याहू


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू ने खुद को लेकर चल रही अफवाहों पर भी विराम लगाया। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में उनके बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर उन्होंने काफी आक्रामक रुख दिखाया। उनका कहना था कि इजरायल चारों दिशाओं से हमला कर रहा है और ईरान अब दुनिया को डराने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की नेतृत्व क्षमता कमजोर पड़ चुकी है और जो मिसाइलों की धमकियां दी जा रही हैं, वे अब वास्तविकता से दूर हैं।

Benjamin Netanyahu: ईरान के लोगों को आजादी दिलाना भी लक्ष्य


नेतन्याहू ने एक और दिलचस्प बात कही, उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ सैन्य जीत नहीं है, बल्कि ईरान के लोगों को आजादी दिलाना भी है। अमेरिका की भूमिका पर भी उन्होंने खुलकर बात की। उन पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने अमेरिका को इस युद्ध में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया। उन्होंने अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों का जिक्र किया और खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के साथ तालमेल को सराहा। उनके अनुसार, ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं और उन पर किसी का दबाव नहीं होता।

अर्थव्यवस्था में किया जाएगा सुधार- नेतन्याहू


सैन्य कार्रवाई के बारे में उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने हवा, जमीन और भूमिगत स्तर पर ईरान को निशाना बनाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि कैस्पियन सागर में ईरान के नौसैनिक बेड़े को नष्ट कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच नेतन्याहू ने घरेलू हालात पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे पटरी पर लाया जाएगा, स्कूल फिर से खोले जाएंगे और जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।