हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो 50 हज़ार साल पुरानी है। क्या है वैज्ञानिकों की यह खोज? आइए जानते हैं।
दुनियाभर में वैज्ञानिक अलग-अलग खोजों में लगे रहते हैं और अक्सर ही उन्हें इसमें कामयाबी भी मिलती है। हाल ही में रूसी वैज्ञानिकों ने भी एक बड़ी खोज की है। रूसी वैज्ञानिकों ने साइबेरिया के सुदूर याकुतिया क्षेत्र में बर्फ पिघलने के दौरान 50,000 साल पुराने शिशु मैमथ (Mammoth) के अवशेषों की खोज की है। जानकारी के अनुसार अब तक सबसे अच्छी तरह से संरक्षित मिले इस विशाल शिशु मैमथ ‘याना’ का नाम उस नदी के बेसिन के नाम पर रखा गया है, जहाँ उसकी खोज की गई है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि याना के अवशेष 100 किलोग्राम वजनी, 120 सेंटीमीटर (3.9 फीट) ऊंचा और 200 200 सेंटीमीटर (6.5 फ़ीट) लंबा है। वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया है कि मरने के दौरान उसकी उम्र एक वर्ष रही होगी। वैज्ञानिक अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी मौत कब हुई थी।
लेज़रेव मैमथ संग्रहालय के प्रमुख मैक्सिम चेरपासोव ने बताया कि मैमथ लगभग पूरी तरह से गल चुका था और उसके अवशेष उठाने के लिए एक अस्थायी स्ट्रेचर का उपयोग किया गया। हालांकि उसका सिर अच्छी तरह से संरक्षित मिला। संग्रहालय के एक शोधकर्ता गैवरिल नोवगोरोडोव ने बताया कि मैमथ शायद एक दलदल में फंस गया था और इस वजह से हज़ारों सालों तक संरक्षित रहा।
यह भी पढ़ें- फिलीपींस में भीषण वैन एक्सीडेंट, 7 लोगों की हुई मौत