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US New Visa Rules: 38 देशों के लिए B1/B2 वीजा पर अब बॉन्ड अनिवार्य, ओवरस्टे रोकने के लिए सख्त कदम

अमेरिका का नया इमिग्रेशन नियम: 21 जनवरी 2026 से जारी होने वाले B1/B2 वीजा पर लगेगा सिक्योरिटी बॉन्ड।

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US New Visa Rules

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US Visa New Rules 2026: अमेरिका ने इमिग्रेशन और वीजा नियमों को लेकर एक बार फिर सख्ती दिखाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत कई देशों के लिए वीजा प्रक्रिया पहले ही कठिन की जा चुकी है। अब इसी कड़ी में बांग्लादेश से अमेरिका जाने वाले बिजनेस और टूरिस्ट यात्रियों के लिए नया नियम लागू किया गया है।

ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास के अनुसार, 21 जनवरी 2026 से जिन बांग्लादेशी नागरिकों को B1 या B2 (बिज़नेस/टूरिस्ट) वीजा मिलेगा, उन्हें अमेरिका में प्रवेश से पहले अधिकतम 15,000 अमेरिकी डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा। हालांकि, जिन लोगों को यह वीजा 21 जनवरी 2026 से पहले जारी हो चुका है, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा।

अमेरिकी दूतावास ने यात्रियों को सावधान करते हुए कहा है कि बॉन्ड की राशि 'कभी भी अग्रिम में जमा न करें।' अग्रिम भुगतान करने से वीजा मिलने की कोई गारंटी नहीं होती और कई बार थर्ड‑पार्टी वेबसाइटें धोखाधड़ी का साधन बन सकती हैं। इंटरव्यू से पहले किया गया कोई भी भुगतान वापस नहीं किया जाएगा। वहीं, यदि कोई यात्री वीजा की सभी शर्तों का पालन करता है, तो बॉन्ड की रकम उसे वापस कर दी जाएगी।

B1 और B2 वीजा उन लोगों के लिए होते हैं, जो व्यापार, पर्यटन या किसी छोटे निजी काम के लिए अस्थायी रूप से अमेरिका जाना चाहते हैं। बांग्लादेश के अलावा, इस नए नियम के दायरे में कई अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से अमेरिका में वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने (ओवरस्टे) की समस्या पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी कम किया जा सकेगा।

ट्रम्प प्रशासन ने 38 देशों के वीजा आवेदन के लिए बॉन्ड ज़रूरी किया

अमेरिकी विदेश विभाग ने 8 जनवरी को जारी आदेश में कहा था कि अब 38 देशों के नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा आवेदन के समय बॉन्ड जमा करना अनिवार्य होगा। अमेरिका ने पहले से लागू लिस्ट में 25 नए देशों को शामिल किया है। इन देशों के लोग B1/B2 (बिज़नेस/टूरिस्ट) वीजा के लिए आवेदन करते समय 5,000 से 15,000 अमेरिकी डॉलर तक का बॉन्ड भुगतान करेंगे। यह नया नियम 21 जनवरी 2026 से लागू होगा और इसका उद्देश्य वीजा की शर्तों का उल्लंघन (ओवरस्टे) कम करना है।

इन देशों की सूची में बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, अल्जीरिया, अंगोला, एंटिगुआ और बारबुडा, बेनिन, बोत्सवाना, बुंडुंडी, केप वर्डे, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, कोट डी आइवर, क्यूबा, जिबूती, डोमिनिका, फिजी, गैबॉन, गाम्बिया, गिनी, गिनी‑बिसाऊ, किरगिस्तान, मलावी, मॉरिटानिया, नामीबिया, नाइजीरिया, साओ टोमे और प्रिंसिपे, सेनेगल, तंज़ानिया, ताजिकिस्तान, टोगो, टोंगा, तुर्कमेनिस्तान, तुवालु, युगांडा, वानुआतु, वेनेज़ुएला, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे शामिल हैं।