
दुबई एयरपोर्ट के निकट ड्रोन से हमला। (फोटो: AI)
Dubai : दुनिया भर की नजरें इस वक्त मध्य पूर्व में चल रहे तनाव पर टिकी हुई हैं। इसी बीच एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे भयंकर युद्ध की आंच अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक पहुंच गई है। बुधवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai Airport) के पास एक बड़ा ड्रोन हमला (Drone Attack) हुआ है। आसमान से गिरे दो ड्रोन के कारण एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस खतरनाक घटना में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। लगातार बढ़ती सैन्य कार्यवाहियों के बीच यह घटना बहुत ही गंभीर मानी जा रही है।
फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान और इजरायल के बीच के महायुद्ध ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिन दो ड्रोन ने दुबई में दहशत फैलाई है, वे इसी सैन्य संघर्ष का हिस्सा हैं। हालांकि यूएई के रक्षा मंत्रालय की ओर से लगातार मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने (Air Defense System) का काम मुस्तैदी से किया जा रहा है, लेकिन कई बार मलबे या इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में गिर रहे हैं जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है।
इस ड्रोन हमले के तुरंत बाद 'दुबई मीडिया ऑफिस' ने अपना आधिकारिक रिएक्शन जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और घबराहट न फैलाने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में दो ड्रोन गिरे जरूर हैं, लेकिन इससे हवाई यातायात पर कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित और सामान्य रूप से चल रहा है। सुरक्षा बलों ने इलाके को तुरंत अपने घेरे में लेकर जांच का काम शुरू कर दिया है।
इस घटना के बाद घायलों की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से फालोअप जानकारी साझा की गई है। स्थानीय मेडिकल टीम और पुलिस के मुताबिक, जो चार लोग इस ड्रोन अटैक का शिकार हुए हैं, उनमें दो घाना के नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक है। भारतीय नागरिक को मध्यम स्तर की चोटें आई हैं, जबकि बाकी तीनों को मामूली खरोंचें लगी हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन इस बात की गहन जांच कर रहा है कि ये ड्रोन किस दिशा से आए थे।
इस पूरी घटना का एक बड़ा पहलू यह है कि यह युद्ध अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों की जान को सबसे ज्यादा खतरा पैदा हो गया है। यूएई, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई लोग काम करते हैं। इससे पहले भी इस संघर्ष के दौरान यूएई में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के मलबे से भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों पर भी खतरा मंडरा रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ गया है।
Published on:
11 Mar 2026 02:47 pm
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