
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-IANS)
Iran–Israel war: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इसी बीच अमेरिका ने इजरायल से कहा कि वह ईरान के तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमले न करे। दरअसल, यह पहली बार है जब अमेरिका ने इजरायल से हमला नहीं करने की बात कही है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान की जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि हमलों के कारण जहरीली धुएं के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
अमेरिका का कहना है कि ईरान पर इजरायल लगातार हमला कर रहा है, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि उनका उद्देश्य महज ईरानी शासन के खिलाफ जनता का समर्थन करना है, न कि बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाना।
इस बीच अमेरिका को डर है कि हमलों के जवाब में ईरान खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर पलटवार कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रोन हमले के बाद यूएई में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने बताया कि ड्रोन हमले के कारण अबू धाबी अमीरात के रुवैस औद्योगिक शहर में आग लग गई।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि रूवैस रिफाइनरी ने एहतियात के तौर पर परिचालन रोक दिया है।
वहीं सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने बुधवार को बताया कि ईरान ने मध्य पूर्व में इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर नए हमले किए हैं। प्रसारक ने ईरान के विशिष्ट क्रांतिकारी गार्डों के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह गोलाबारी युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे तीव्र और भारी थी, जो लगभग तीन घंटे तक चली।
इन हमलों में तेल अवीव और हाइफा सहित इजराइली शहरों के साथ-साथ पश्चिमी यरुशलम को भी निशाना बनाया गया।
Published on:
11 Mar 2026 09:55 am
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