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Iran War में अमेरिका-इज़राइल के पसीने छूटे, 12 दिन बाद भी झुकने को तैयार नहीं तेहरान, जानें बड़े कारण

Tehran:ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे विनाशकारी युद्ध को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन तेहरान हार मानने को तैयार नहीं है। इस महायुद्ध में ईरान की मजबूत सैन्य रणनीति उसे इस संघर्ष में टिके रहने में मदद कर रही है।

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भारत

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MI Zahir

Mar 11, 2026

US Israel Iran War

अमेरिका इज़राइल ईरान युद्ध। (फोटो: AI)

Tehran Strategy : मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। ईरान और इज़राइल-अमेरिका गठबंधन के बीच छिड़े युद्ध (Iran Israel War) को 12 दिन हो चुके हैं। पूरी दुनिया को लग रहा था कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य ताकत (US Military) के सामने ईरान कुछ ही दिनों में घुटने टेक देगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। जमीन पर ईरान की रणनीति ( Tehran Strategy ) बहुत ही कारगर साबित हो रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 12 दिन के भारी बमबारी और सैन्य हमलों के बावजूद ईरान न तो हार रहा है और न ही उसने पीछे हटने के कोई संकेत दिए हैं। इसके पीछे कई भू-राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक कारण हैं जो तेहरान को इस महायुद्ध में मजबूत बनाए हुए हैं।

ईरान के पास हथियारों का जखीरा (War Analysis)

विशेषज्ञों ने ऐसे कई प्रमुख कारण गिनाए हैं जो ईरान की मजबूती दर्शाते हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण ईरान का विशाल भौगोलिक आकार और उसकी जटिल पहाड़ी सीमाएं हैं, जो किसी भी बाहरी जमीनी हमले को बेहद मुश्किल बना देती हैं। इसके अलावा, ईरान ने पिछले कई दशकों में अपनी मिसाइल और ड्रोन तकनीक को काफी उन्नत कर लिया है। उसके पास हथियारों का ऐसा जखीरा है, जो भूमिगत बंकरों में सुरक्षित है। साथ ही, पूरे मध्य पूर्व में फैले ईरान के समर्थक गुट (प्रॉक्सी नेटवर्क) इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं, जिससे दुश्मन की ताकत बंट गई है।

पश्चिमी देशों ने ईरान को कम आंकने की गलती की (Middle East Conflict)

इस 12 दिन के लंबे युद्ध पर वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का रिएक्शन लगातार सामने आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा थिंक-टैंक का मानना है कि पश्चिमी देशों ने ईरान की सहनशक्ति और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को कम आंकने की गलती की है। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान ने इस युद्ध को 'असीमित युद्ध' में बदलने के बजाय एक सोची-समझी थकाऊ रणनीति अपनाई है, जिससे इज़राइल और अमेरिका के लिए एकतरफा जीत हासिल करना लगभग असंभव हो गया है।

हवाई हमले और मिसाइलें दागने का सिलसिला लगातार जारी

ताजा हालात की बात करें तो, दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले और मिसाइलें दागने का सिलसिला लगातार जारी है। इज़राइल ने ईरान के कई सैन्य और सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम भी किया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और अन्य यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील की है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी संप्रभुता पर हमले बंद नहीं होते, वह अपनी रक्षात्मक और आक्रामक कार्रवाइयां जारी रखेगा।