
Donald Trump (Photo - Washington Post)
Donald Trump Greenland Dispute: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख ने ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में गंभीर तनाव पैदा कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद वह अब शांति नहीं, बल्कि अमेरिकी शक्ति के विस्तार पर ध्यान देंगे।
उन्होंने संकेत दिया कि ग्रीनलैंड हासिल करने के लिए यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो बल प्रयोग से भी इनकार नहीं किया जाएगा। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन ने कहा कि हाल ही में डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच मतभेद सुलझाने के लिए सहमत प्रक्रिया को ट्रंप के बयानों ने बाधित कर दिया है। उन्होंने क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सिद्धांतों के समर्थन में सहयोगियों से एकजुट होने की अपील की।
यूरोप के कई देशों ने ट्रंप की धमकियों को गैर-जिम्मेदाराना बताया है। डच वित्त मंत्री ने टैरिफ को अनावश्यक और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह करार देते हुए तनाव घटाने की मांग की। आयरलैंड और फ्रांस ने भी संयमित और एकजुट प्रतिक्रिया की बात कही।
वहीं अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए एक रणनीतिक संपत्ति है और राष्ट्रपति के शब्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इस बीच ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के अधिकार को लेकर ट्रंप के दावों और इस संबंध में जानकारों के विरोधी दावों कि 1916 में अमरीका ने लिखित रूप से इस अधिकार को स्वीकृति दी थी, से नया विवाद खड़ा हो गया है।
प्रिय जोनास (नॉर्वे के पीएम), आपके देश ने 8 युद्ध रुकवाने के बावजूद मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया… अब मैं वह सोचूंगा जो अमेरिका के लिए उचित है। डेनमार्क के पास ग्रीनलैंड पर कब्जे का अधिकार नहीं है। सैकड़ों साल पहले उनका जहाज वहां उतरा था, तो हमारे जहाज भी वहां उतरते रहे हैं।
Updated on:
20 Jan 2026 02:17 am
Published on:
20 Jan 2026 02:16 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
