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युद्ध के बीच इज़रायल में बड़ा फेरबदल, रोमन गोफमैन बनेंगे मोसाद के नए चीफ

हिज़बुल्लाह के खिलाफ इज़रायल का युद्ध जारी है। इसी बीच अब इज़रायल में बड़ा फेरबदल हुआ है और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा फैसला लिया है।

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Apr 13, 2026
Roman Gofman

ईरान (Iran) के खिलाफ अमेरिका (United States of America) और इज़रायल (Israel) का 14 दिन का सीज़फायर जारी है, लेकिन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ इज़रायली सेना की कार्रवाई जारी है। इज़रायली सेना लगातार लेबनान (Lebanon) पर हमले कर रही है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने साफ कर दिया है कि हिज़बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। इस युद्ध के बीच इज़रायल में एक बड़ा फेरबदल हुआ है।

रोमन गोफमैन बनेंगे मोसाद के नए चीफ

इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) को नया चीफ मिल गया है। पीएम नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन (Roman Gofman) को मोसाद का अगला चीफ नियुक्त किया है। गोफमैन जून 2026 में वर्तमान चीफ डेविड बार्निया (David Barnea) की जगह लेंगे, जिनका 5 वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

इज़रायल की सुरक्षा में निभाएंगे अहम भूमिका

नेतन्याहू की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "मेजर जनरल गोफमैन पिछले दो वर्षों से मेरे सैन्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं। वह एक उत्कृष्ट अधिकारी हैं, साहसी और रचनात्मक हैं, जिन्होंने युद्ध के दौरान लीक से हटकर सोचने की क्षमता और प्रभावशाली सूझबूझ का प्रदर्शन किया है। मैं मेजर जनरल गोफमैन को मोसाद चीफ के रूप में उनकी अगली भूमिका में अपार सफलता की कामना करता हूं और मुझे विश्वास है कि वह इज़रायल की सुरक्षा के लिए बहुत कुछ करेंगे और अहम भूमिका निभाएंगे।"

चर्चा का विषय बनी गोफमैन की नियुक्ति

मोसाद के अगले चीफ के तौर पर गोफमैन की नियुक्ति चर्चा का विषय बन गई है। इसकी वजह है गोफमैन का मोसाद के पारंपरिक खुफिया पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को दरकिनार करके चुना जाना। कुछ पुराने सैन्य मामले में उनकी जांच हुई थी, लेकिन सीनियर अपॉइंटमेंट्स कमेटी ने अंतिम मंजूरी दे दी। नेतन्याहू ने गोफमैन के साहस, रचनात्मक सोच और युद्धकालीन योगदान की सराहना की। इज़रायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने भी गोफमैन को सहयोग का आश्वासन दिया। गोफमैन के नेतृत्व में मोसाद को ईरान, हमास, हिज़बुल्लाह और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटना होगा। उनकी नियुक्ति इज़रायल की खुफिया नीति को नई दिशा दे सकती है, जहाँ सैन्य अनुभव को खुफिया कार्यों के साथ जोड़ा जाएगा। इज़रायल की सुरक्षा के लिए यह नया अध्याय काफी अहम हो सकता है।

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