
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 52 महीने से भी ज़्यादा समय बीत चुका है और अभी भी यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। जो रूस कच्चे तेल के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है, उसे इस युद्ध की वजह से अब तेल के संकट से गुज़रना पड़ रहा है। वहीँ यूक्रेन में इस युद्ध की शुरुआत से अब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है। इसी बीच रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर हमला किया है और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने आज जानकारी दी कि उनकी सेना ने पिछले 24 घंटों में यूक्रेन के 153 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ऑपरेशनल-टैक्टिकल एविएशन, स्ट्राइक ड्रोन्स, मिसाइल फोर्सेज़ और आर्टिलरी का इस्तेमाल किया गया।
रूस के इस हमले से यूक्रेन को काफी नुकसान हुआ है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उनकी सेना के इस हमले में मुख्य रूप से यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन लॉन्च साइट्स, सैनिकों और विदेशी मर्सिनरीज़ के अस्थायी ठिकानों, हथियार डिपो, परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया गया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि इन हमलों की वजह से यूक्रेन की सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर रूस के इस हमले को हाल ही में यूक्रेन द्वारा रूस के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन अटैक्स के खिलाफ जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है। आने वाले दिनों में रूसी सेना इस तरह के और हमलों को भी अंजाम दे सकती है।
बताया जा रहा है कि रूस की नई रणनीति यूक्रेन की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाना है, खास तौर पर ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स और ड्रोन बनाने वाले ठिकानों को तबाह करते हुए। इस युद्ध में यूक्रेन को काफी नुकसान झेलना पड़ा है, लेकिन उसके ड्रोन अटैक्स से रूस को भी बड़ा झटका लगा है और इसी वजह से अब रूस की रणनीति यूक्रेन की ड्रोन अटैक्स करने की क्षमता को खत्म करना है।
इसी बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) में एक आवासीय इमारत पर भी हमला किया है। आज सुबह किए इस हमले में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इस हमले की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की बात कही है।