India-Russia Relations: भारत और रूस के बीच मज़बूत संबंधों का एक बार फिर भारत को फायदा हुआ है। कैसे? आइए जानते हैं।
भारत (India) और रूस (Russia) के बीच संबंध कितने मज़बूत हैं, यह बात जगजाहिर है। दोनों देशों के बीच अच्छी दोस्ती है और साथ ही दोनों देशों के लीडर्स में भी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी अच्छे दोस्त हैं। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का फायदा अक्सर ही दोनों देशों को मिलता है। और अब एक बार फिर से ऐसा ही हुआ है। भारत को इसका फायदा मिला है। रूस ने इक्वाडोर (Ecuador) को सबक सिखाने का फैसला लिया है और इसका फायदा सीधे तौर पर भारत को मिलेगा।
रूस और इक्वाडोर के बीच तनाव
रूस और इक्वाडोर के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार इक्वाडोर काफी समय से रुसी हथियार खरीदती आई है पर अब देश की सरकार ने रूसी सैन्य हार्डवेयर और हथियारों की जगह अमेरिका (United States Of America) से हथियार खरीदने का फैसला लिया है। इसी से रूस और इक्वाडोर के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
रूस सिखाएगा इक्वाडोर को सबक
इक्वाडोर के इस फैसले से रूस नाराज़ है और इक्वाडोर को सबक सिखाने वाला है। इसी के चलते रूस ने अब इक्वाडोर से केले, पपीते और पाइनऐप्पल जैसे फल आयात करना बंद कर दिया है। इससे इक्वाडोर को नुकसान होगा। हालांकि रूस की तरफ से यह कहा गया है कि इक्वाडोर के केलों में कीड़ें पाए गए थे। हालांकि इक्वाडोर की तरफ से कहा गया है कि रूस को भेजे जाने वाले केलों में नाम मात्र के ही कीड़ें थे और उनसे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
भारत को कैसे मिलेगा फायदा?
इक्वाडोर का नुकसान भारत का फायदा बन गया है। रूस अब भारत से केले और पपीते खरीदेगा। भारत से केले और पपीते की पहली सप्लाई रूस पहुंच भी गई है। यह सिलसिला जारी रहने वाला है और भारत इन फलों की सप्लाई रूस को जारी रखेगा। रूस में लोगों को भारतीय केले पसंद भी आ रहे हैं और इनकी डिमांड भी बढ़ रही है। ऐसे में इनकी सप्लाई भी बढ़ेगी। इससे भारत को काफी फायदा होगा।