अमेरिका का कहना है कि यह ऑपरेशन उन जहाजों को रोकने के लिए किया गया जो कथित तौर पर ईरान को समर्थन देने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, टैंकर के चालक दल, माल या उसके स्रोत के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर भारतीय महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच मौजूद था।