7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

समंदर के बीच अमेरिकी नेवी का बड़ा एक्शन, इंडो-पैसिफिक में संदिग्ध टैंकर को घेरा, ईरान को दी सीधी चेतावनी

US Navy Tanker Action Indo-Pacific: इंडो-पैसिफिक में अमेरिकी नौसेना का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। संदिग्ध टैंकर एम/टी टिफानी की तलाशी की गई, जानें पूरी खबर।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Rahul Yadav

•

Updated: 21 Apr 2026, 8:43 PM IST

US Navy Tanker Action Indo-Pacific

US Navy Tanker Action Indo-Pacific (Image: X/@DeptofWar)

US Action in Indo-Pacific: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका ने एक बड़ा समुद्री ऑपरेशन करते हुए एक संदिग्ध और स्टेटलेस (बिना राष्ट्रीय पहचान वाले) टैंकर को रोका और उसकी तलाशी ली। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई वैश्विक प्रतिबंधों को लागू करने और ईरान से जुड़े अवैध नेटवर्क को बाधित करने के उद्देश्य से की गई।

समुद्र में राइट-ऑफ-विजिट ऑपरेशन

अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि उसकी नौसेना ने एम/टी टिफानी (मोटर टैंकर) पर राइट-ऑफ-विजिट के तहत बोर्डिंग और जांच की। यह कार्रवाई इंडो-पैसिफिक कमांड (INDOPACOM) के दायरे में की गई और इसमें किसी तरह की झड़प या नुकसान की खबर नहीं है।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा,“हम वैश्विक स्तर पर ऐसे नेटवर्क को रोकने के लिए समुद्री कानून लागू करते रहेंगे। इंटरनेशनल वॉटर प्रतिबंधित जहाजों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं हैं।”

ईरान से जुड़े नेटवर्क पर नजर

अमेरिका का कहना है कि यह ऑपरेशन उन जहाजों को रोकने के लिए किया गया जो कथित तौर पर ईरान को समर्थन देने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, टैंकर के चालक दल, माल या उसके स्रोत के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर भारतीय महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच मौजूद था।

पहले भी ईरानी टैंकर पहुंचा सुरक्षित

इस घटना से एक दिन पहले एक ईरानी टैंकर ‘Silly City’ अमेरिकी चेतावनियों और नौसैनिक निगरानी के बावजूद सुरक्षित रूप से ईरान के जलक्षेत्र में पहुंच गया था। ईरानी सेना ने दावा किया कि यह उनके नौसेना के सहयोग से संभव हुआ।

बढ़ते तनाव के बीच सख्त संदेश

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच यह कार्रवाई एक सख्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी और किसी भी अवैध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। वहीं, ईरान ने भी साफ किया है कि वह दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए तैयार है।

इंडो-पैसिफिक में अमेरिकी नौसेना की यह कार्रवाई बताती है कि अमेरिका समुद्र में भी ईरान से जुड़े नेटवर्क पर नजर रखे हुए है और सख्ती कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि इससे इलाके में तनाव और बढ़ता है या फिर बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल पाता है।