
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 56 महीने पूरे होने वाले हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। फिलहाल युद्ध खत्म होने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं, क्योंकि रूस जहाँ लगातार यूक्रेन को दहला रहा है, तो यूक्रेन भी डटा हुआ है और समय-समय पर रूस के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसी बीच अब युद्ध में जल्द ही नया मोड़ आ सकता है, जिसके बारे में क्रेमलिन (Kremlin) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने जानकारी दी है।
पेस्कोव ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच अगले महीने यानी नवंबर में शांति-वार्ता होगी। यह शांति-वार्ता यूएई (UAE) की राजधानी अबू धाबी (Abu Dhabi) में होगी। इस शांति-वार्ता में अमेरिका (United States of America) भी मौजूद रहेगा। पेस्कोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने बातचीत के विषय को स्पष्ट कर दिया है। युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा और दोनों देशों - रूस और यूक्रेन के लिए सुरक्षा संबंधी मुद्दे। ऐसे में अब युद्ध के खत्म होने की उम्मीदें फिर जाग उठी हैं।
अबू धाबी में नवंबर में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच होने वाली त्रिकोणीय शांति-वार्ता पर यूक्रेन की तरफ से भी मुहर लगा दी गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दामाद और अमेरिकी राजदूत जेरेड कुशनर (Jered Kushner) ने उन्हें इस बारे में बताया और इस बात की पुष्टि की कि रूस ने इसके लिए सहमति जता दी है।
हाल ही में अमेरिका ने रूसी डीजल पर प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाकर रूस को राहत दी है। कुछ दिन पहले ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने जनरल लाइसेंस 135 जारी कर रूसी डीज़ल की बिक्री, डिलीवरी और अमेरिका समेत वैश्विक बाजार में आयात को अप्रैल 2027 तक ग्रीन सिग्नल दे दिया। अमेरिका के इस फैसले का उद्देश्य डीज़ल की कीमतें घटाना है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध और रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़ी, जिसका असर अमेरिका में भी देखने को मिला। इसी वजह से अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले डीज़ल की कीमतें नियंत्रित करने के लिए ट्रंप ने यह कदम उठाया है। यूक्रेन की तरफ से अमेरिका के इस कदम की आलोचना भी की गई है।