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मुनीर के इशारे पर खैबर पख्तूनख्वा में लगी इमरजेंसी बनी सिरदर्द, TTP की धमकी से हिला शहबाज सरकार का भरोसा

खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लगाने का पाकिस्तान सरकार का फैसला उल्टा पड़ा है। TTP ने और घातक हमलों की धमकी दी है, जबकि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर हालात संभालने में जुटे हैं।
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भारत

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 23 Oct 2026, 5:16 PM IST

Khyber Pakhtunkhwa emergency

Pakistan security crisis, Photo Source@IANS

Pakistan Security Crisis: पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खैबर पख्तूनख्वा (KP) में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के अपने फैसले को सही ठहराया है। जबकि TTP ने और भी घातक हमले करने की धमकी दी है। शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार - जिसने यह फैसला पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के निर्देश पर लिया था

लेकिन अब खैबर पख्तूनख्वा के हालात से निपटने में संतुलन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि इस फैसले के बाद इस्लामाबाद घबराहट की स्थिति में है। इसके बाद से शरीफ और मुनीर ने हालात की समीक्षा करने और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कई बैठकें की हैं।

TTP इस्लामाबाद के लिए सबसे बड़ी चुनौती

अधिकारी ने कहा कि, इस्लामाबाद के लिए समस्या यह है कि इस फैसले के बावजूद खैबर पख्तूनख्वा में हमले जारी हैं। असल में, सत्ता को चुनौती देने वाले समूहों ने अपने अभियानों को तेज करने और इस क्षेत्र में और भी घातक हमले करने की कसम खाई है। पाकिस्तान मामलों के जानकारों का कहना है कि इस्लामाबाद ने हालात का गलत आकलन किया है। अफगान तालिबान के साथ रिश्ते खराब होने से स्थिति और भी जटिल हो गई है।

विशेषज्ञों ने कहा, इस क्षेत्र में 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) इस्लामाबाद के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा में PTI सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए कई बार इस्लामाबाद से मदद मांगी थी। लेकिन, इस्लामाबाद को डर था कि PTI इस मदद का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर सकती है और अपनी छवि चमका सकती है।

चीन और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव

भारतीय खुफिया ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में चीनी कामगारों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमलों के बाद चीन और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव आ गया है।
आपातकाल लगाने और हालात का पूरा नियंत्रण सेना को सौंपने का फैसला अब उल्टा पड़ता दिख रहा है, क्योंकि TTP ने सुरक्षा बलों पर हमले तेज करने और चीनी कामगारों के खिलाफ हमलों को और बढ़ाने की धमकी दी है।
इस्लामाबाद में संघीय सरकार और सेना के बीच लगातार हुई बैठकों में इस क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंतिम रूप देने का फैसला लिया गया है। साथ ही, खैबर पख्तूनख्वा के लिए एक व्यापक वित्तीय पैकेज की घोषणा करने पर भी चर्चा हुई है।