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रूस-यूक्रेन युद्ध के कैदियों को दी जा रही हैं यातनाएं, यूएन जाँचकर्ताओं का दावा

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन के बीच लगभग 9 महीने से चल रहे युद्ध में पकड़े गए कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।
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Updated: 15 Nov 2022, 5:22 PM IST
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Russia-Ukraine Prisoners

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लगभग 9 महीने हो चुके हैं। 24 फरवरी 2022 को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश पर रुसी सेना द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के जवाब में यूक्रेनी सेना को भी हथियार उठाने पड़े। जीतना तो दूर की बात है, किसी को भी यूक्रेन (Ukraine) के कुछ दिन से ज़्यादा इस युद्ध में टिकने तक की उम्मीद नहीं थी। पर लगातार मिल रही आर्थिक सहायता से यूक्रेन के हौंसले और बुलंद हो चुके हैं। वहीँ रुस (Russia) की सेना अब कमज़ोर पड़ती नज़र आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अब तक 38,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 53,000 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। इतना ही नहीं, दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के कई सैनिकों को बंदी भी बना लिया हैं।


कैदियों के साथ हो रहा है अमानवीय व्यवहार

यूनाइटेड नेशंस (United Nations) के जाँचकर्ताओं ने हाल ही में रूस-यूक्रेन युद्ध में पकड़े गए कैदियों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, इस बारे में खुलासा किया है। यूएन जाँचकर्ताओं ने दावा किया है कि दोनों ही पक्ष एक-दूसरे के कैदियों को कड़ी यातनाएं दे रहे हैं। इसके अंतर्गत कैदियों को मारा-पीटा जा रहा है, उन्हें बिजली के झटके दिए जा रहे हैं, निर्वस्त्र करके उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे के बंधक बनाए गए सैनिकों के साथ इस तरह का व्यवहार करते हुए उनकी हिम्मत और जीने की इच्छा को तोड़ रहे हैं।

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