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14 की उम्र में प्लेन बनाया, अब 32 साल की सबरीना की हो रही आइंस्टीन से तुलना

Next Einstein?: 32 साल की सबरीना पास्टरस्की की तुलना आइंस्टीन से की जा रही है। क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
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Jul 15, 2026
Sabrina Pasterski
सबरीना पास्टरस्की (File Photo)

अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) को इतिहास के सबसे महान वैज्ञानिकों में से एक माना जाता है। उनसे किसी की तुलना करना काफी बड़ी बात है और अब ऐसा ही देखने को मिल रहा है। अमेरिका (United States of America) की 32 साल की महिला की तुलना आइंस्टीन से की जा रही है। इतना ही नहीं, लोग इस महिला को अगला आइंस्टीन भी कह रहे हैं। हम बात कर रहे हैं सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी सबरीना पास्टरस्की (Sabrina Pasterski) की।

14 साल की उम्र में प्लेन बनाया

सबरीना की परवरिश और शुरुआती पढ़ाई अमेरिका के शिकागो (Chicago) में हुई। अभी वह कनाडा (Canada) स्थित पेरीमीटर इंस्टीट्यूट फॉर थियोरेटिकल फिज़िक्स की फैकल्टी मेंबर हैं। उन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में पिता के गैरेज में सिंगल-इंजन वाला प्लेन बनाया था और उसमें उड़ान भी भरी।

साइंस-मैथ्स के जुनून ने नासा तक पहुंचाया

सबरीना ने बहुत कम उम्र में इलिनोइस मैथ्स और साइंस एकेडमी में अपना हुनर दिखाया, जहाँ उन्होंने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय फ़िज़िक्स ओलंपियाड टीम में जगह बनाने के लिए कंपीट किया और नासा पहुंची। उन्होंने नासा (NASA) के कैनेडी स्पेस सेंटर और ब्लू ओरिजन में इंटर्नशिप की।

17 साल की उम्र में एमआईटी ने बुलाया

2010 में महज 17 साल की सबरीना ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में आवेदन किया, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा गया था। तब सबरीना ने अपने बनाए प्लेन का वीडियो यूनिवर्सिटी को भेजा। इसके बाद बीच सेशन में उन्हें बुलाया गया। उन्होंने 20 सालों में इंस्टीट्यूट के फ़िज़िक्स डिपार्टमेंट में टॉप करने वाली पहली महिला का खिताब हासिल किया था। वह प्रतिष्ठित ऑर्लोफ स्कॉलरशिप पाने वाली पहली महिला भी बनीं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की।

करोड़ों की सैलरी वाली जॉब ठुकराई

सबरीना ने नासा द्वारा दिए गए करोड़ों की सैलरी के ऑफर को ठुकरा दिया। जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की 'ब्लू ओरिजन' भी उन्हें नौकरी पर रखना चाहती थी। ब्राउन यूनिवर्सिटी ने उन्हें करोड़ों की सैलरी का ऑफर दिया था। उन्होंने सब ठुकरा दिया और 2021 में कनाडा के पेरीमीटर इंस्टीट्यूट फॉर थ्योरेटिकल फिज़िक्स में शामिल हो गईं। इस यूनिवर्सिटी में वह सबसे कम उम्र की रिसर्च फैकल्टी मेंबर्स में से एक बनीं।

क्यों कहा जा रहा है अगला आइंस्टीन?

सबरीना ने 'सेलेस्टियल होलोग्राफी इनिशिएटिव' शुरू किया है जो क्वांटम मैकेनिक्स और ग्रैविटी के बीच संबंध का पता लगाने वाला एक रिसर्च प्रोग्राम है। 2023 में इस पहल को साइमंस फाउंडेशन से 8 मिलियन डॉलर की ग्रांट मिली। इसके अलावा सबरीना की रिसर्च ब्लैक होल, ब्रह्मांड के बनने और स्पेस और टाइम को समझने से जुड़ी है। इन्हीं वजहों से उन्हें अगला आइंस्टीन कहा जा रहा है।

Updated on:
15 Jul 2026 04:55 am
Published on:
15 Jul 2026 04:54 am