
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और देश की सरकारी सेना के बीच जंग जारी है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के कब्ज़े वाले इलाकों पर हमले कर रहे हैं और एक-दूसरे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस बीच हूतियों और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। अब एक बार सऊदी अरब ने एयरस्ट्राइक्स करते हुए हूतियों से चल रहे क्षेत्रीय तनाव को फिर से बढ़ा दिया है।
हूती समर्थित मीडिया ने जानकारी दी कि सऊदी अरब ने रविवार को पश्चिमी प्रांत होदेइदाह में लाल सागर के तट पर स्थित एक प्रमुख तेल टर्मिनल पर हवाई हमला कर दिया। यह तेल टर्मिनल रास ईसा बंदरगाह पर स्थित है। इस हवाई हमले में बंदरगाह का एक बर्थ और वहाँ खड़ा एक कमर्शियल जहाज भी प्रभावित हुआ। हमले में कितना नुकसान हुआ, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि बताया जा रहा है कि हमले में 7 लोग घायल हो गए। इतना ही नहीं, यमन में एक टेलीकॉम फैसिलिटी को भी सऊदी अरब ने एयरस्ट्राइक करते हुए निशाना बनाया। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों को 'सऊदी आक्रामकता' करार दिया है।
यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हैं। पिछले दो महीने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले करते हुए तनाव को और बढ़ा दिया है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन प्राप्त है। हालांकि ईरान ने हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव को मुस्लिम एकता के लिए गलत बताते हुए दोनों पक्षों में बातचीत के ज़रिए मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया है।