
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और देश की सरकारी सेना के बीच जंग जारी है। इस बीच सऊदी अरब (Saudi Arabia) और हूती विद्रोही भी समय-समय पर एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दोनों पक्ष पिछले करीब एक महीने में एक-दूसरे पर कई हमले कर चुके हैं और अभी भी हमलों का सिलसिला थमा नहीं है। आज एक बार फिर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना ने हूतियों के प्लान को नाकाम कर दिया।
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि हूती विद्रोहियों द्वारा दागीं गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि हूतियों की इन बैलिस्टिक मिसाइलों का निशाना सऊदी अरब के ताइफ और यानबू शहर थे, लेकिन सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की सेना के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने दोनों मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करते हुए हूतियों के हमले को नाकाम कर दिया।
सऊदी अरब को पहले ही इस बात का अंदेशा था कि हूती विद्रोही आज उनके देश पर हमला कर सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए देश की सिविल डिफेंस एजेंसी ने मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू के लिए वॉर्निंग अलर्ट भी जारी किया था। हालांकि यह वॉर्निंग अलर्ट कुछ देर के लिए ही जारी किया गया था और खतरा टल जाने के बाद सिविल डिफेंस एजेंसी ने इसे वापस लेने की जानकारी दे दी थी।
यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष शुरू हुआ था और हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हो गए। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सरकारी सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। इस वजह से हूतियों और यमन की सेना के बीच भी जंग जारी है।