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साउथ कोरिया में अमेरिकी एयर बेस पर जहरीला केमिकल लीक; प्योंगटेक में मची अफरा-तफरी, इमरजेंसी इवेक्यूएशन अलर्ट जारी

US Osan Air Base White Phosphorus Leak: दक्षिण कोरिया के प्योंगटेक में US K-55 (ओसान) एयर बेस पर व्हाइट फॉस्फोरस के रिसाव हुआ है। जिसके बाद अधिकारियों ने आस-पास रहने वाले लोगों के लिए आपातकालीन निकासी का अलर्ट जारी किया है।
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Updated: 28 Jul 2026, 3:22 PM IST
White Phosphorus Leak US Osan Air Base
अमेरिकी एयर बेस (सांकेतिक तस्वीर) (फोटो- USA Today)

US Osan Air Base: दक्षिण कोरिया के ग्योंगगी प्रांत के प्योंगटेक शहर में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई। जब वहां मौजूद अमेरिकी एयर बेस (ओसान एयर बेस / K-55) से जहरीले केमिकल व्हाइट फॉस्फोरस के लीक होने की सूचना मिली। बेस के अंदर एक सैन्य वॉरहेड से केमिकल के रिसाव की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। उन्होंने आस-पास रहने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया और इलाके को तुरंत खाली करने का आदेश दिया।

मोबाइल फोन पर बजे इमरजेंसी सायरन

दक्षिण कोरियाई मीडिया के अनुसार, प्योंगटेक शहर के सियोटन-म्योन में स्थित ओसान एयर बेस पर व्हाइट फॉस्फोरस के रिसाव की सूचना स्थानीय समयानुसार शाम 4:54 बजे से 5:05 बजे के बीच मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए, प्योंगटेक शहर प्रशासन ने शाम 5:37 बजे नागरिकों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी डिजास्टर टेक्स्ट अलर्ट भेजा। मैसेज में लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर शरण लेने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने और केमिकल के सीधे संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई।

कितना खतरनाक है व्हाइट फॉस्फोरस?

व्हाइट फॉस्फोरस एक जहरीला और तेजी से रिएक्ट करने वाला केमिकल है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सेना स्मोक स्क्रीन बनाने और आग लगाने वाले हथियारों में करती है। लगभग 30°C या उससे ज्यादा तापमान पर हवा की ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही इसमें अपने आप आग लग जाती है। अगर यह सीधे इंसानी त्वचा के संपर्क में आता है, तो इससे गहरे घाव हो जाते हैं जिनका इलाज करना बहुत मुश्किल होता है। जलने पर इससे बहुत घना सफेद धुआं निकलता है। इस धुएं की बड़ी मात्रा में सांस लेने से मौत भी हो सकती है।

अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं

घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद दक्षिण कोरियाई पुलिस, फायर डिपार्टमेंट और अमेरिकी सैन्य टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं। स्थिति को काबू में करने और सुरक्षा घेरा बनाने के लिए फायर डिपार्टमेंट ने नौ स्पेशल गाड़ियां और 31 फायरफाइटर तैनात किए। अच्छी बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अब तक नागरिकों या सैन्य कर्मियों के घायल होने या हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों ने जांच शुरू की

पुलिस और फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सेना ने इस घटना की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दी है। सुरक्षा टीमें अभी बेस के अंदर केमिकल लीक की असल वजह, वॉरहेड की स्थिति और लीक हुए फॉस्फोरस की मात्रा का पता लगा रही हैं। अधिकारियों ने आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि जब तक उस जगह को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक वे सतर्क रहें।

Updated on:
28 Jul 2026, 3:22 PM IST
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