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अपने ही राष्ट्रपति के खिलाफ हुए श्रीलंका को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान, भारत को बताया बड़ा भाई

श्रीलंका को पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान अर्जुन रणतुंगा अपने देश के राजनेताओं पर जमकर भड़के हैं। बुरी तरह कंगाल हो चुका श्रीलंका अपने सबसे विकट वित्तीय संकट से जूझ रहा है।
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Updated: 6 Apr 2022, 8:37 PM IST
अपने ही राष्ट्रपति के खिलाफ हुए श्रीलंका को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान, भारत को बताया बड़ा भाई
अपने ही राष्ट्रपति के खिलाफ हुए श्रीलंका को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान, भारत को बताया बड़ा भाई

भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका इन दिनों आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका में लोग बेहद नाराज हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने पिछले हफ्ते देश में आपातकाल लगा दिया था, जो बुधवार को हटा दिया गया। इसी बीच श्रीलंका में बिगड़ते हालात पर अब श्रीलंका के विश्न विजेता कप्तान और पूर्व पर्यन और उड्डयन मंत्री अर्जुन रणतुंगा ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

लोग खाने, ईंधन और दवाओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं। इन हालातों में रणतुंगा ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को कुर्सी छोड़ने की नसीहत दे डाली। साथ ही पड़ोसी देश भारत की जमकर तारीफ भी की है।

जैसा कि भारत ने स्वतंत्रता के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका की मदद की, पूर्व क्रिकेटर और श्रीलंकाई राजनेता अर्जुन रणतुंगा ने श्रीलंका की जरूरत की घड़ी में हर संभव तरीके से समर्थन करने के लिए पीएम मोदी और भारत को धन्यवाद दिया। अर्जुन रणतुंगा ने कहा कि भारत श्रीलंका का बड़ा भाई रहा है।

एएनआई से बात करते हुए रणतुंगा ने कहा, "श्रीलंका की इस सरकार ने अपने फायदे के लिए पूरे संविधान को बदल डाला। भारत हमारा बड़ा भाई है। वे पेट्रोल और दवाओं जैसी हमारी जरूरतों को देख रहा है। भारत हमारी काफी मदद कर रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "विरोध प्रदर्शनों में हमारे देश के आम लोग सिर्फ दूध पाउडर, गैस, चावल, पेट्रोल जैसी बुनियादी चीजें मांग रहे हैं। मैं हिंसा से बिलकुल सहमत नहीं हूं। देश पिछले दो साल में एक बड़े संकट में घिर गया है। वे कोरोना का बहाना बना सकते हैं, लेकिन दुनिया भी तो इससे गुजरी है।"

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पूर्व विश्व चैंपियन कप्तान ने कहा, "दुर्भाग्य से इस सरकार ने कोरोना को सही से नहीं संभाला। वे अहंकारी और अति आत्मविश्वासी थे। अगर राष्ट्रपति को लगता है कि वह हालात संभाल नहीं सकते तो पद छोड़ सकते हैं। हम दुनिया भर में पैसों की भीख मांग रहे हैं। सौभाग्य से ऐसे देश हैं, जो हमारी मदद कर रहे हैं, खासकर भारत।"

बद से बदतर हालात के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से लगातार इस्तीफे मांगा जा रहा है, लेकिन वह पद पर बने हुए हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और पुलिस विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है। इस बीच श्रीलंका की सरकार ने यह भी कह दिया कि राष्ट्रपति राजपक्षे किसी भी हालत में इस्तीफा नहीं देंगे और वह मौजूदा मुद्दों का सामना करेंगे।

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