
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति डील हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सबसे पहले इसकी घोषणा की और ईरान की तरफ से भी इस पर मुहर लगा दी गई है। इस डील के तहत न सिर्फ करीब 4 महीने से चल रहा युद्ध स्थायी तौर पर खत्म हो जाएगा, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को भी पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। 19 जून को होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खोल दिया जाएगा और इसके लिए अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी भी हटाने का फैसला लिया है। दोनों देशों के बीच डील पर इलेक्ट्रॉनिक तौर पर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। इसी बीच ईरानी मर्चेंट मरीन यूनियन के चीफ ने इस रणनीतिक जलमार्ग के लिए एक बड़ी बात कह दी है।
ईरान के मर्चेंट मरीन यूनियन के चीफ सामन रेज़ाई (Saman Rezaei) ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म होने के बाद भी होर्मुज़ स्ट्रेट में कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति नहीं होगी। रेज़ाई के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में ट्रांसपोर्ट सिस्टम कभी भी वैसा नहीं होगा जैसा युद्ध से पहले था।
रेज़ाई ने बताया कि सदियों से होर्मुज स्ट्रेट सभी कमर्शियल जहाजों के लिए एक सुरक्षित जगह रहा है, लेकिन युद्ध की वजह से पुरानी व्यवस्था टूट चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट का ढांचा भी अब पहले जैसा नहीं रहा। रेज़ाई के अनुसार सभी देशों को होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक नई व्यवस्था और इसके तटीय देशों की ज़्यादा असरदार भूमिका का इंतज़ार करना होगा।
रेज़ाई ने बताया कि ग्लोबल शिपिंग इंडस्ट्री का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हालात का पूरी तरह सामान्य होना एक लंबी और अनिश्चित प्रक्रिया हो सकती है। रेज़ाई के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में हालात सुधर रहे हैं, शांति दिख रही है, खतरा कम हो रहा है, लेकिन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही कई कारकों पर आधारित फैसलों के तालमेल पर निर्भर करती है। रेज़ाई ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के भारी जमावड़े और क्रू मेंबर्स बदलने की ज़रूरत के कारण इस काम में लंबा समय लग सकता है। इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि युद्ध से पहले के प्रोडक्शन और रिफाइनिंग के स्तर पर लौटने में कई हफ्ते, महीने या साल भी लग सकते हैं।