मलेशिया में बिना स्ट्रीट लाइट के ही सड़कें जगमगाती हैं। कैसे? आइए जानते हैं।
टेक्नोलॉजी के इस दौर में आए दिन ही नई-नई चीज़ें देखने को मिलती हैं। तेज़ी से एडवांस हो रही टेक्नोलॉजी की वजह से दुनियाभर में नई और अनोखी खोजें होती रहती हैं। कल्पना कीजिए आप रात में किसी रास्ते पर गाड़ी चला रहे हैं, चारों ओर अंधेरा है, कोई स्ट्रीट लाइट नहीं। अचानक सड़क की लेन अपने आप चमकने लगती हैं, जैसे किसी साइंस-फिक्शन की दुनिया हो। एशिया में एक देश ने ऐसी ही टेक्नोलॉजी ढूंढ निकाली है।
मलेशिया ने ऐसी ही टेक्नोलॉजी अपनाई है। मलेशिया में सूरज की रोशनी से चार्ज होने वाली पेंटेड लाइनें रात में सड़क को रोशन करती हैं। लेन में स्ट्रोंटियम एल्युमिनेट आधारित फोटोल्यूमिनसेंट पेंट का उपयोग किया गया है। यह सूरज की रोशनी को सोखकर सूर्यास्त के बाद लगभग 10 घंटे तक चमकता है। इसमें बिजली की जरूरत नहीं होती है। गीले मौसम में भी यह पेंट काम करता है और लोगों को रास्ता दिखाता है।
इस पेंट की कीमत 749 रिंगिट (करीब 17,527 रूपए) प्रति वर्ग मीटर है, जबकि सामान्य पेंट केवल 40 रिंगिट (करीब 936 रूपए) प्रति वर्ग मीटर में मिलता है। यानी यह पेंट लगभग 20 गुना महंगा है। हर 18 महीने में इसे पेंट दोबारा करना पड़ता है। नीदरलैंड और जापान जैसे देशों ने इसे सीमित स्तर पर साइकिल ट्रैक पर आजमाया है।