
Strait of Hormuz(AI Image-ChatGpt)
मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहा तनाव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में अब एक बार फिर ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दे दी है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) ब्लॉकेड और सैन्य तैनाती के बाद ईरान का यह बयान सामने आया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह हार नहीं मानेगा और खून की आखिरी बूंद बहने तक जंग जारी रखेगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की तेल सप्लाई का 20 से 30 प्रतिशत निर्भर करता है। अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग के बाद से इस क्षेत्र में दबाव बना हुआ है। ईरान ने जहां अमेरिका और इजरायल के लिए यह रास्ता बंद कर दिया है वहीं अमेरिका ने भी होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी लगा रखी है। इसके चलते अरब सागर की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। दुनिया के कई देश ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश में जुटे है लेकिन यह दोनों ही अपनी शर्तों पर अड़े हुए है।
ईरान का कहना है कि जो शांति अभी तक उसने बनाए रखी थी वह उसकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा थी, लेकिन अब अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वह अपनी रणनीति में बदलाव ला सकता है। ईरान की इस चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक बिगड़ने का डर पैदा हो गया है। इसी बीच कमांडर शहरम ईरानी ने अमेरिका के ईरान की ताकत को कम समझने पर सवाल उठाए है। कमांडर ने कहा कि दुश्मन को लगता है कि वह ईरान पर हमला करेंगे तो वह तीन से सात दिन के अंदर युद्ध जीत जाएंगे, लेकिन यह धारणा अब सैन्य विश्वविद्यालयों में मजाक बन चुकी है।
ईरानी नौसेनिक अधिकारी ने बुधवार को सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के जरिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी सेना आगे बढ़ी तो ईरान तुरंत एक बड़ी कार्रवाई करेगा। अधिकारी ने कहा कि अब तक का संयम इस उम्मीद में था कि अमेरिका ईरान की शर्तों को समझेगा और स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी जिद और भ्रम जारी रहे और हमारी शर्तें ठुकराई गईं, तो दुश्मन को जल्द ही अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि नौसैनिक ब्लॉकेड बमबारी से भी ज्यादा प्रभावी है और इससे ईरान पर भारी दबाव बना हुआ है।
Updated on:
30 Apr 2026 10:21 am
Published on:
30 Apr 2026 10:17 am
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