भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के इस तरह से कनाडा में जूलूस निकालने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कनाडा के समकक्षों से इस पर जवाब मांगा है। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs, India) से इस संबंध में कनाडा को एक पत्र लिखकर जवाब देने को कहा है।
कनाडा में खालिस्तानियों (Khalistan) ने अब तो हद ही पार कर दी। उन्होंने पंजाब के अमृतसर के गोल्डन टेंपल में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी पर भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और इस ऑपरेशन ब्लू स्टार की झांकी निकाली। इस जुलूस में सैकडो़ं की तादाद में खालिस्तान समर्थक शामिल थे। इस झांकी निकालने के वीडियो भी जारी किए गए हैं। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) का एक पुतला बनाया गया है जिसे गोलियों से छलनी दिखाया गया है।साथ ही उन्हें गोली मारते हुए उनके बॉडीगार्ड्स बेअंत सिंह और सतवंत सिंह के पुतले भी उनके सामने बनाए गए। इंदिरा गांधी के पीछे अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (Golden Tample) का पुतला भी बनाया गया है।
खालिस्तान समर्थकों ने नगर कीर्तन के नाम पर ये झांकी 4 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर कनाडा (Canada) के ब्रेम्पटन और टोरंटो समेत कई शहरों में निकाली। इसके बाद 6 जून को इस झांकी के वीडियो-फोटो पोस्ट किए गए। पोस्ट करने वालों ने इन फोटो-वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेय़र करने को भी कहा। साथ ही इन खालिस्तान समर्थकों (Khailsatan Supporters) ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से इस ऑपरेशन ब्लू स्टार के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा। यही नहीं इन खालिस्तानियों ने ओटावा में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Empassy in Otawa) के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाज़ी की। वहां खालिस्तान के झंडे लहराए।
भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के इस तरह से कनाडा में जूलूस निकालने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कनाडा के समकक्षों से इस पर जवाब मांगा है। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs, India) से इस संबंध में कनाडा को एक पत्र लिखकर जवाब देने को कहा है। बता दें कि कुछ दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा था कि विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कनाडा ने भारत विरोधी तत्वों और आतंकियों को जगह दी है।
खालिस्तानी समर्थकों के इंदिरा गांधी की हत्या का जूलूस निकाले जाने को लेकर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau)को छोड़कर उनके मंत्रिय़ों ने इस पर चिंता जताई है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि देश में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं होगा। लेब्लांक ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा कि "इस हफ्ते, वैंकूवर में भारतीय प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को दर्शाने वाली तस्वीरों की खबरें थीं। कनाडा में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं है।"
इसके अलावा कनाडा के भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने भी कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों के इंदिरा गांधी की हत्या का जूलूस निकालने की निंदा की है। आर्य ने कहा कि इस तरह से खालिस्तानी समर्थक हिंदू-कनाडाई लोगों में हिंसा का डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। आर्य ने कहा कि इंदिरा गांधी के माथे पर बिंदी की प्रमुखता ये बताती है कि खालिस्तानियों का टारगेट कनाडा में रह रहे हिंदू हैं।
बता दें कि कनाडा के कई शहरों में बीते दो साल से इंदिरा गांधी की हत्या और ऑपरेशन ब्लू स्टार की इस तरह की झांकी निकाली जा रही है। कनाडा की मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये झांकी निकाल कर खालिस्तानी पूरे कनाडा को ये जताने की कोशिश करते हैं कि इंदिरा गांधी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार कराकर अच्छा नहीं किया था और इसका अंजाम उन्हें भुगतना पड़ा था।