
अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 2 अप्रैल को ही दुनिया के कई देशों के खिलाफ ‘टैरिफ वॉर’ (Tariff War) के तहत ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (Reciprocal Tariff) यानी कि ‘जैसे को तैसा टैरिफ’ लगाने की घोषणा की थी। व्हाइट हाउस (White House) के रोज़ गार्डन (Rose Garden) में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकार दुनियाभर को एक बड़ा झटका दिया था। ट्रंप के इस टैरिफ से दुनियाभर के शेयर मार्केट में हर दिन निवेशकों को काफी नुकसान हो रहा है। लेकिन अब ट्रंप ने भारत समेत 75 देशों को इस टैरिफ से राहत देने का फैसला लिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि वह 75 से ज़्यादा ऐसे देश, जिन्होंने ट्रंप के लगाए टैरिफ का विरोध नहीं किया और न ही कोई पलटवार किया, को 90 दिन के लिए टैरिफ से राहत देंगे। ट्रंप ने इस पर 90 दिन के लिए रोक लगा दी है और साथ ही इन देशों पर सिर्फ 10% का रेसिप्रोकल टैरिफ ही लागू होगा। ट्रंप का यह फैसला तत्काल रूप से प्रभाव में आ गया है। हालांकि ट्रंप ने चीन (China) को कोई राहत नहीं दी है और उस पर टैरिफ को बढाकर 125% कर दिया है।
ट्रंप के इस फैसले से एलन मस्क (Elon Musk) और मार्क ज़ुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) को ज़बरदस्त फायदा हुआ है। जिस दिन ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान किया था, तभी से अमेरिका समेत दुनियाभर के कई देशों के शेयर मार्केट में अफरातफरी मच गई थी। निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। लेकिन अब ट्रंप के टैरिफ से राहत देने के फैसले से अमेरिकी शेयर मार्केट समेत कई देशों के शेयर मार्केट में भी उछाल देखने को मिली। मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) और ज़ुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta), जो फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और वॉट्सऐप (WhatsApp) की पेरेंट कंपनी है, के शेयरों में भी उछाल आई। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के अनुसार मस्क को करीब 36 बिलियन डॉलर्स (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) और ज़ुकरबर्ग को करीब 26 बिलियन डॉलर्स (करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये) का फायदा हुआ।
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