आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। इसके बाद अब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध कैसे होंगे इसकी चर्चाए जोड़ पकड़ रही है।
Tarique Rahman India Bangladesh Relations: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद भारत के रिश्तों में कड़वाहट आ गई है। अब आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। इसके बाद अब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध कैसे होंगे इसकी चर्चाए जोड़ पकड़ रही है। बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शनिवार को कहा कि देश और उनकी जनता के हित में बांग्लादेश की विदेश नीति का प्लान तैयार करेंगे। उन्होंने इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, यह जीत बांग्लादेश की है। यह जीत लोकतंत्र की है। यह जीत उन लोगों की है जो लोकतंत्र की आकांक्षा रखते हैं और इसके लिए बलिदान देते हैं।
12 फरवरी को हुए राष्ट्रीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की भारी जीत के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब रहमान से पड़ोसी देश भारत के साथ बांग्लादेश के संबंधों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत और अन्य देशों के साथ अपने संबंधों में बांग्लादेश के हित को सर्वोपरि रखेगा।
अपने रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हमने विदेश नीति के संबंध में अपना रुख साफ कर दिया है, जिसके अनुसार बांग्लादेश का हित और बांग्लादेशी जनता का हित सर्वोपरि है। बांग्लादेश और बांग्लादेश की जनता के हितों की रक्षा करते हुए ही हम अपनी विदेश नीति तय करेंगे।
तारिक रहमान ने कहा कि हमारे रास्ते और विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, मेरा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रीय एकता सामूहिक शक्ति है, जबकि विभाजन कमजोरी है। उन्होंने एकता को चुनाव के बाद देश के सामने आने वाली जिम्मेदारियों से जोड़ा।
आपको बता दें कि तारिक रहमान की बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने निर्णायक दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लगभग दो दशकों के बाद सत्ता में वापसी की। शुक्रवार को घोषित इस अभूतपूर्व जीत से पहले 2024 में जेनरेशन जेड के नेतृत्व वाले विद्रोह में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद से कई महीनों तक राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना रहा था।
आपको बता दे कि बांग्लादेश के लिए ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण थे क्योंकि जुलाई 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद ये पहली बार हुए थे। सत्ता से बेदखल होने के बाद, हसीना भारत भाग गईं और तब से निर्वासन में रह रही हैं । हसीना की पार्टी, अवामी लीग, को चुनाव में भाग लेने से रोक दिया गया था।
हमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं बांग्लादेश की जनता को बधाई देता हूं। सभी बाधाओं को पार करते हुए, आपने देश में लोकतंत्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। रहमान लगभग 17 सालों के स्वैच्छिक निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में ढाका में अपने घर लौटे। कुछ ही दिनों बाद उनकी बीमार मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया। अब रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, यह पद कभी उनकी मां के पास था। वे 1991 के बाद बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री भी होंगे।