टिकटॉक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्त मान ली है और अमेरिका के साथ एक नई डील साइन की है। इसके तहत, टिकटॉक अपने अमेरिकी एसेट्स अमेरिकन इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप को बेचेगा।
चीनी कंपनी टिकटॉक (TikTok) ने आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्त मान ली है। उसने अमेरिका के साथ एक नई डील साइन की है।
जिसके तहत वह अपने अमेरिकी एसेट्स अमेरिकन इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप को बेचेगा। सीईओ शू च्यू ने गुरुवार को एक मेमो के जरिए इस बात की जानकारी दी।
हालांकि यह ट्रांजैक्शन अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन यह कदम टिकटॉक को अमेरिका में अपने लंबे समय के भविष्य को सुरक्षित करने के एक कदम और करीब ले आया है।
यह फैसला पिछले साल पास हुए एक कानून के बाद आया है, जिसके तहत टिकटॉक को अमेरिका में बैन करने या बाइटडांस से अलग करने की आवश्यकता थी। इस कानून को 'प्रोटेक्टिंग अमेरिक्स फ्रॉम फॉरेन एडवर्सरी कंट्रोल्ड एप्लिकेशन्स एक्ट' नाम दिया गया है।
इस कानून के तहत, बाइटडांस को टिकटॉक को अमेरिका में बेचने या बैन करने का अल्टीमेटम दिया गया था। ट्रंप ने 26 सितंबर को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए। जिससे टिकटॉक के अमेरिकी एसेट्स के ज्यादातर हिस्से को अमेरिकन इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप को बेचने की डील पूरी होने का रास्ता साफ हो गया।
इस डील के तहत, टिकटॉक का अमेरिकी बिजनेस एक नई कंपनी के तौर पर अलग होगा, जिसमें ज्यादातर हिस्सेदारी अमेरिकी निवेशकों की होगी। ऐसी खबर है कि ओरेकल और सिल्वर लेक मिलकर लगभग टिकटॉक की ज्यादातर हिस्सेदारी खरीदेंगे।
यह ऑर्डर TikTok की बिक्री को फाइनल करने की दिशा में एक जरूरी प्रोसिजरल कदम था, लेकिन डील अभी पूरी नहीं हुई है। इस बीच अमेरिका और चीनी दोनों अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे डील के फ्रेमवर्क पर सहमत हैं, फिर भी इसके लिए दोनों देशों से रेगुलेटरी अप्रूवल की जरूरत होगी।
हालांकि, साइनिंग इवेंट के दौरान ट्रंप ने कहा कि चीनी लीडर शी जिनपिंग ने डील को हरी झंडी दे दी है और भरोसा जताया है कि यह पूरी हो जाएगी।
दोनों लीडर्स के बीच फोन पर हुई बातचीत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा- प्रेसिडेंट शी के साथ मेरी बहुत अच्छी बात हुई। हमने TikTok और दूसरी चीजों के बारे में बात की, इस दौरान TikTok को लेकर उन्होंने डील के लिए हरी झंडी दे दी।
अमेरिका में यह कानून जनवरी में लागू हुआ था। जिसके तहत ऐप पर बैन तब तक लागू रहेगा जब तक कि पेरेंट कंपनी ByteDance अपने अमेरिकी एसेट्स का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नॉन-चाइनीज इन्वेस्टर्स को नहीं बेच देती।