अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिसे नोबेल शांति का पुरस्कार मिला, वह भी मानती है कि इसका असली हकदार कौन है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जिस व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार मिला है। उसने मुझे फोन किया है। मारिया ने कहा कि मैं इसे आपके सम्मान में स्वीकार कर रही हूं, क्योंकि आप सचमुच इसके हकदार थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि मैंने मारिया से यह नहीं कहा कि इसे मुझे दे दो। मैं उनकी हर तरह से मदद करता रहा हूं। मैं खुश हूं क्योंकि मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से कह रहे थे कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने दुनिया भर में संघर्षों को खत्म करने के प्रयासों का हवाला दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 7 युद्ध रोके। इनमें भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकवाने का जिक्र भी शामिल है।
ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के मामले में सात विमानों को मार गिराया गया। यह एक बुरा कदम था। यह युद्ध हमने टैरिफ के जरिए रोका। ट्रंप ने कहा कि मैंने टैरिफ की बात की, दोनों देशों के नेताओं से कहा कि अगर आप ऐसा करने जा रहे हैं तो हम आपके देश पर भारी भरकम टैरिफ लगाएंगे। इसके बाद दोनों देशों ने सीजफायर किया, लेकिन भारत सरकार ने हर बार ट्रंप के दावे को खारिज किया है।
नार्वे नोबेल समिति ने शुक्रवार को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को देने का फैसला किया। उन्हें “वेनेजुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण बदलाव के लिए उनके अथक संघर्ष” के लिए सम्मानित किया गया है।
नार्वे नोबेल समिति के अध्यक्ष यॉर्गन वाटने फ्रिडनेस ने कहा, “मारिया कोरिना मचाडो एक ऐसी प्रमुख और एकजुट करने वाली शख्सियत हैं, जिन्होंने पहले गहरे विभाजित विपक्ष को एकजुट किया और स्वतंत्र चुनावों और प्रतिनिधि सरकार की मांग में समान आधार स्थापित किया।”