
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और असीम मुनीर के साथ पाक पीएम शहबाज शरीफ। (फोटो- X/@SyedAsimMunir)
अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत दायर खुलासों के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिका में अपनी लॉबिंग और पब्लिक रिलेशंस गतिविधियों को बढ़ा दिया है।
इन फाइलों में लाखों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट और पेमेंट का ब्यौरा है। इनमें पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान से जुड़े संगठन शामिल हैं। यह आउटरीच अमेरिकी संसद, एग्जीक्यूटिव ब्रांच, थिंक टैंक और मीडिया को टारगेट करता है।
फाइलिंग से पता चलता है कि इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अमेरिका में लॉबिंग और पब्लिक पॉलिसी आउटरीच के लिए 900,000 डॉलर का भुगतान किया है। यह इंस्टीट्यूट पाकिस्तान का एक थिंक टैंक है जो पाकिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी डिवीजन से जुड़ा है।
नए खुलासे से यह भी पता चला है कि हाइपरफोकल कम्युनिकेशंस एलएलसी को अक्टूबर 2024 में टीम ईगल कंसल्टिंग एलएलसी के सबकॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करने के लिए रजिस्टर किया गया था।
फाइलिंग से यह भी जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान ने अमेरिका में अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक लॉबिंग फर्म को काम पर रखा है।
फाइलिंग के अनुसार, पाकिस्तान दूतावास ने एरविन ग्रेव्स स्ट्रेटेजी ग्रुप LLC के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट किया है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 25,000 डॉलर का भुगतान किया जाएगा। इस समझौते का मकसद अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाना है।
फाइलिंग के अनुसार, इस फर्म का काम अमेरिकी कांग्रेस और सरकारी अधिकारियों से मिलना, पॉलिसी ग्रुप और थिंक टैंक के साथ जुड़ना है। उनका फोकस क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक सुधार जैसे मुद्दों पर होगा।
अलग-अलग फाइलों से यह पता चलता है कि जेवलिन एडवाइजर्स एलएलसी को 24 अप्रैल की एक औपचारिक कंसल्टिंग समझौते के तहत पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के लिए अप्रैल में रजिस्टर किया गया था।
जेवलिन ने 50,000 डॉलर की मासिक फीस का खुलासा किया है। फर्म ने कहा कि उसके काम में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर पाकिस्तान के रुख को अमेरिकी एग्जीक्यूटिव ब्रांच, संसद और जनता तक पहुंचाना शामिल है।
इसके अलावा, यह फर्म जम्मू-कश्मीर विवाद और पाकिस्तान-भारत संबंध पर बारीकी नजर रखते हैं। एक-एक गतिविधि को ट्रैक करते हैं।
यह भी खुलासा हुआ है कि यह फर्म जम्मू-कश्मीर विवाद और पाकिस्तान-भारत संबंधों पर पाकिस्तान के रुख को अमेरिका एग्जीक्यूटिव ब्रांच, संसद और जनता तक पहुंचाने के लॉबिंग करते हैं।
फाइलिंग में मई में सर्कुलेट किए गए एक फ्रेमवर्क डॉक्यूमेंट का भी जिक्र है। इसमें पाकिस्तान और अमेरिका के बीच दुर्लभ पृथ्वी खनिजों और महत्वपूर्ण धातुओं पर प्रस्तावित सहयोग की रूपरेखा बताई गई है।
सबमिट किए गए डॉक्यूमेंट में एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, प्रोसेसिंग और ग्लोबल सप्लाई चेन में इंटीग्रेशन को कवर करने वाले प्रस्तावित सहयोग का वर्णन किया गया है। इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर तक के सांकेतिक कमर्शियल मूल्य का उल्लेख किया गया है।
यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान दूतावास ने अमेरिका में अपनी छवि सुधारने के लिए मई में एक पीआर फर्म को हायर किया था। Qorvis Holding Inc को मीडिया आउटरीच और नैरेटिव डेवलपमेंट के लिए रखा गया है।
Updated on:
02 Jan 2026 09:20 am
Published on:
02 Jan 2026 09:19 am
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