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‘मेरा बेटा बेकार नहीं मरा, ये लड़ाई पूरी तरह खत्म कर दो’ शहीद सैनिक की मां ने की ट्रंप से अपिल

अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान मारे गए एक अमेरिकी सैनिक की मां ने बड़ा बयान दिया है। सैनिक की मौत के बाद उसकी मां ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात में कहा कि वह इस युद्ध को अधूरा न छोड़ें और इसे पूरी तरह खत्म करें।

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Apr 10, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

US-Iran-War: अमेरिका-ईरान युद्ध में शहीद हुए आर्मी रिजर्व कैप्टन कोडी खॉर्क की मां ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री से अपील की उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा कि इसे खत्म करें… Go get ’em।”, मैंने कहा, 'जाओ और उन्हें सबक सिखाओ।' मैं नहीं चाहती कि मेरे बेटे की मौत बेकार जाए। शहीद की मां ने गर्व के साथ बताया कि उनका बेटा देश सेवा के लिए खुद यह रास्ता चुनता था और उन्होंने ट्रंप पर पूरा भरोसा जताया। ट्रंप ने भी परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा, “मुझे उन लोगों के लिए बहुत बुरा लगता है।”

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मां ने ट्रंप से की अपील

खॉर्क की मां ने ट्रंप और रक्षा मंत्री से कहा कि वह नहीं चाहतीं कि उनके बेटे की मौत बेकार जाए। उन्होंने ट्रंप से साफ तौर पर कहा, “मैंने उनसे कहा कि इसे खत्म करें उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे ने देश के लिए सेवा करने का रास्ता खुद चुना था और वह उस पर गर्व करती हैं। वहीं, ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए बहुत दुख होता है। उन्होंने कहा, “मुझे उन लोगों के लिए बहुत बुरा लगता है,” और परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों की गई जान

35 साल के कोडी खॉर्क अमेरिकी सैनिक, जो आर्मी रिजर्व में कैप्टन के पद पर तैनात थे। अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई और युद्ध के दूसरे ही दिन, 1 मार्च को कुवैत के एक बंदरगाह पर ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई। इस हमले में कुल 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई थी, जिनमें खॉर्क भी शामिल थे।

मौत के बाद मिला बड़ा सम्मान

कोडी खॉर्क की मां ने कहा कि उनका बेटा एक सच्चा हीरो था और उन्हें उस पर बेहद गर्व है। कोडी खॉर्क को उनकी शहादत के बाद मरणोपरांत मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने बताया कि सेना ने उनके बेटे को वही करने का मौका दिया, जिसे वह बचपन से करना चाहता था।

समारोह में ट्रंप से मुलाकात

मां ने बताया कि पिछले महीने डेलावेयर के डोवर में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान उनकी ट्रंप से मुलाकात हुई। इस दौरान उनके बेटे और अन्य सैनिकों के पार्थिव शरीर को अमेरिकी झंडे में लपेटकर वापस लाया गया। उन्होंने कहा कि ट्रंप उस समय बेहद भावुक और संवेदनशील नजर आ रहे थे।

बचपन से ही सेना से जुड़ा था लगाव

खॉर्क का बचपन सैन्य माहौल में बीता था, क्योंकि उनके पिता भी मरीन में थे। उनकी मां के अनुसार, वह शुरू से ही सेना के वातावरण में पले-बढ़े है। बचपन में उनका निकनेम “ट्विग” था और वह हमेशा वर्दीधारी लोगों के बीच रहना पसंद करते थे। सैनिक की मां ने कहा कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप जानते हैं कि वह क्या कर रहे हैं और देश के हित में सही तरीके से काम कर रहे हैं।

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Published on:
10 Apr 2026 08:19 pm
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