टीटीपी ने पाकिस्तान सरकार और सेना को धमकी देते हुए पंजाब से इस्लामाबाद तक मार्च की घोषणा की है। यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा और अफगान सीमा वार्ता के बीच नए तनाव को उजागर करता है।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाकिस्तानी सरकार और सेना को खुलेआम धमकी दी है। संगठन ने दावा किया है कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद है और पूरे देश में "इस्लामी व्यवस्था" लागू करने के लिए कटिबद्ध है। मीडिया एजेंसी के पास पहुंचे एक वीडियो में हथियारबंद टीटीपी सदस्यों ने पंजाब से इस्लामाबाद तक मार्च करने का ऐलान किया है।
वीडियो में एक उग्रवादी ने पाकिस्तानी सेना और सत्ता प्रतिष्ठान को "क्रूर ताकत" करार देते हुए कहा कि वे "मुजाहिदीन" के खिलाफ जंग लड़ने में असमर्थ हैं और उनकी हार नजदीक है। यह बयान पाकिस्तानी सैन्य शासन के उस दावे का सीधा खंडन करता है जिसमें कहा जाता है कि टीटीपी मुख्य रूप से अफगानिस्तान में आधारित है। टीटीपी सदस्यों कहा, "हम पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में मौजूद हैं। '
यह खबर तब आई है जब पाकिस्तान में आंतरिक सुरक्षा को लेकर तनाव चरम पर है। कुछ आलोचकों का मानना है कि सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर टीटीपी के नाम का इस्तेमाल खैबर पख्तूनख्वा में पश्तूनों पर अत्याचार को जायज ठहराने के लिए कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तानी और अफगान आबादी के बीच संबंध खराब हो रहे हैं। यह कदम कथित तौर पर अमेरिका के इशारे पर उठाया जा रहा है। टीटीपी की यह सार्वजनिक धमकी एक बड़ा उभार है और पाकिस्तान की केंद्रीय सत्ता से सीधा टकराव दर्शाती है, जिससे आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
यह सब तब हो रहा है जब अफगान और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल नाजुक युद्धविराम बनाए रखने और सीमा सुरक्षा पर लंबी अवधि का समझौता करने के लिए इस्तांबुल में तीसरे दौर की शांति वार्ता कर रहे हैं। एक तरफ पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान तालिबान नेतृत्व से बातचीत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर स्पिन बोल्डक पर गोलीबारी की।