Corruption Case in Bangladesh: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों ने पूर्व ब्रिटिश मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक (Tulip Siddiq corruption) के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगा है।
Corruption Case in Bangladesh: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों ने पूर्व ब्रिटिश मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक (Tulip Siddiq corruption) के खिलाफ सरकारी जमीन हड़पने के आरोपों में (Bangladesh land grabbing case) गवाही दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री शेख हसीना ( Sheikh Hasina) के परिवारिक संबंधों का फायदा उठाकर सरकारी भूखंड हासिल किए। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) के तीन अधिकारी बुधवार को तीन अलग-अलग मामलों में ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ गवाही देने पहुंचे। ये मामले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े हैं। आरोप है कि ट्यूलिप ने अपने पारिवारिक रिश्तों का दुरुपयोग कर ये जमीन हासिल की।
ट्यूलिप सिद्दीक, जो ब्रिटेन की लेबर पार्टी की पूर्व मंत्री हैं, ने भ्रष्टाचार की जांच शुरू होने के बाद जनवरी 2025 में अपना पद छोड़ दिया था। यह आरोप लगे थे कि उनका नाम बांग्लादेश में भ्रष्टाचार जांच में आया है, साथ ही वे अपनी चाची शेख हसीना की लंदन में मौजूद संपत्ति में रहती हैं।
भूमि कब्जा मामले में ट्यूलिप के साथ उनकी मां शेख रेहाना, भाई रदवान मुजीब और बहन अजमीना के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा है। इन सभी को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे अब तक नहीं आए हैं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि सभी फरार हैं और उनकी गैरमौजूदगी में केस चलेगा।
ट्यूलिप सिद्दीक ने इस पूरे मामले को “झूठा उत्पीड़न और शो” बताया है। उनका कहना है कि यह राजनीति से प्रेरित साजिश है। वहीं भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के वकील खान मोहम्मद मैनुल ने कहा कि उनके पास सुबूतों की कमी नहीं है और उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज अदालत में पेश कर दिए हैं।
ये जमीन हड़पने के मामले भ्रष्टाचार के तीन और मामलों से अलग हैं, जिनमें शेख हसीना का भी नाम आता है। इसके अलावा, आरोप है कि सिद्दीक का परिवार 2013 में रूस के साथ हुए एक परमाणु ऊर्जा परियोजना के सौदे में गबन में शामिल था।
ट्यूलिप सिद्दीक उत्तरी लंदन के हैम्पस्टेड और हाईगेट क्षेत्र का सांसद हैं। उन्होंने ब्रिटेन में वित्त मंत्रालय के आर्थिक सचिव के रूप में काम किया, जहां उनका कार्यक्षेत्र वित्तीय भ्रष्टाचार रोकना था।
शेख हसीना के शासनकाल के दौरान बांग्लादेश में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। उनके राजनीतिक विरोधियों को नजरबंद किया गया और कई की न्याय से पहले हत्या हुई। इस कारण कई छात्र और आम जनता ने उनके खिलाफ लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किए।
5 अगस्त 2024 को बढ़ते विरोध के कारण शेख हसीना हेलीकॉप्टर से बांग्लादेश छोड़ कर भारत पहुंच गईं। वे भारत से लौटने के आदेशों की भी अवहेलना कर रही हैं। उन पर विद्रोह को दबाने के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने के अलग मुकदमे भी चल रहे हैं।
बहरहाल पूर्व ब्रिटिश मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ बांग्लादेश में भ्रष्टाचार और जमीन हड़पने के मामले में गवाही जारी है। इस मामले ने ब्रिटेन और बांग्लादेश के राजनीतिक रिश्तों में नया तनाव पैदा कर दिया है। अब अदालत में इस मामले की आगे की कार्रवाई का इंतजार है, जो इस पूरे विवाद को और अधिक स्पष्ट करेगा।