
Tupac Shakur Murder Case: म्यूजिक वर्ल्ड के मशहूर रैपर टुपैक शकूर की हत्या के मामले में अदालत ने करीब 30 साल बाद फैसला सुनाया है। मेरिका की लास वेगास कोर्ट में जूरी ने डुआने 'केफे डी' डेविस को 1996 में हुई टुपैक शकूर की हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया है। कोर्ट ने डेविस को प्रथम डिग्री हत्या का गुनहगार ठहराया है। इस फैसले के बाद अब लगभग 30 साल पुराने इस गैंगस्टा रैप मर्डर केस में मुख्य साजिशकर्ता को पूरी जिंदगी जेल में रहना पड़ सकता है।
साल 1996 में लास वेगास स्ट्रिप के पास एक चलती कार से टुपैक शकूर की गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थी। इस जानलेवा हमले में टुपैक गंभीर रूप से घायल हो गए थे और कुछ दिनों बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में सालों तक जांच चलती रही, लेकिन डुआने डेविस ही एकमात्र ऐसा व्यक्ति है जिस पर पुलिस ने इस हत्या की साजिश का सीधा केस दर्ज किया था। लगभग नौ दिनों तक चली अदालत की सुनवाई में कई जासूसों, पूर्व गैंग मेंबर्स और डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर्स ने गवाही दी, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
अदालत में चीफ डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बिनु पलाल ने कोर्ट के सामने डेविस के उन बयानों को सबूत के तौर पर रखा, जिनमें उसने खुद टुपैक की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। अभियोजन पक्ष ने मुख्य रूप से चार बड़े बयानों को अपना आधार बनाया, जिसमें 2008 का फेडरल प्रोफर इंटरव्यू (जहां सजा से बचने के लिए उसने सच कबूला था), 2009 का लास वेगास पुलिस इंटरव्यू, 2017 की डॉक्यूमेंट्री 'डेथ रो क्रॉनिकल्स' के हिस्से और 2019 में डेविस द्वारा खुद लिखी गई बायोग्राफी ‘कॉम्पटन स्ट्रीट लीजेंड’ शामिल हैं।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने डेविस की लिखी किताब के उन हिस्सों को पढ़कर सुनाया, जिसने पूरे केस का रुख पलट दिया। किताब में लिखा था कि टुपैक और उनके साथियों द्वारा डेविस के भतीजे पर किया गया हमला ही उनके खिलाफ कदम उठाने का फैसला किया था। हालांकि बचाव पक्ष ने दलील दी कि डेविस केवल कहानियां गढ़ रहा था और पब्लिसिटी के लिए झूठ बोल रहा था, लेकिन सरकारी वकील ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। जांचकर्ताओं का कहना था कि कोई भी इंसान पब्लिसिटी के लिए खुद को और अपने भतीजे को किसी मर्डर केस में नहीं फंसाएगा।
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब डुआने 'केफे डी' डेविस को अपनी बाकी की पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे (उम्रकैद) बितानी पड़ सकती है। इस फैसले से दुनियाभर में मौजूद टुपैक शकूर के प्रशंसकों को 30 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कानूनी इंसाफ मिल गया है।