
US Iraq Helicopter Deal :ईरान से टकराव के बीच अमेरिका का बड़ा दांव! इराक को देगा $800 मिलियन के सैन्य हेलिकॉप्टर (फोटो सोर्स:@aljazeera)
US Iran Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच फिर भड़के सैन्य तनाव के बीच वॉशिंगटन ने इराक के लिए एक बड़े रक्षा सौदे को हरी झंडी दी है। अमेरिका ने करीब 800 मिलियन डॉलर के सैन्य हेलिकॉप्टर और उससे जुड़े उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य गतिविधियां तेज हैं और ईरान के साथ अमेरिकी टकराव का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को इस संभावित सैन्य बिक्री को मंजूरी दी। प्रस्तावित पैकेज की अनुमानित कीमत 800 मिलियन डॉलर है। इस सौदे में Bell 412EPX और Bell 407M हेलिकॉप्टर समेत कई तरह के सैन्य उपकरण शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा उद्योग की कंपनी Bell-Textron इस डील की प्रमुख ठेकेदार होगी।
अमेरिका के मुताबिक, इस बिक्री का मकसद इराक की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है, ताकि वह मौजूदा और भविष्य में सामने आने वाले खतरों से अधिक प्रभावी तरीके से निपट सके।
पैकेज में हेलिकॉप्टरों के अलावा हथियार प्रणालियां, सेंसर, मिसाइल लॉन्च का पता लगाने वाले सिस्टम, रेडियो और स्पेयर पार्ट्स जैसे उपकरण भी शामिल बताए गए हैं।
अमेरिका लंबे समय से इराक को क्षेत्र में अपना रणनीतिक साझेदार मानता रहा है। हेलिकॉप्टरों की यह क्षमता इराकी सुरक्षा बलों को तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मदद कर सकती है। सैनिक परिवहन, खुफिया एवं निगरानी और एयर-टू-सर्फेस टारगेटिंग।
यानी जरूरत पड़ने पर ये हेलिकॉप्टर केवल सैनिकों और सामान की आवाजाही के लिए नहीं, बल्कि जमीनी अभियानों में लक्ष्य की पहचान और उस पर कार्रवाई में भी उपयोगी होंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कहा है कि प्रस्तावित बिक्री इराक की मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगी।
इराक के साथ रक्षा सौदे की घोषणा ऐसे वक्त हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना था कि ईरानी बल इन लॉन्चरों के जरिए समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा हो सकता था।
ईरान ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमला किया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा में दाखिल आठ मिसाइलों को रोकने का दावा किया। संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने क्षेत्रीय जल के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाए जाने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका आगे भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
इसी बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर मार गिराया। ईरानी पक्ष ने कहा कि ड्रोन समुद्र में गिर गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हुई थी।
ऐसे संवेदनशील माहौल में इराक के लिए अमेरिकी हेलिकॉप्टर सौदे को क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। एक तरफ अमेरिका अपने सहयोगियों की सैन्य क्षमता मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के साथ सीधे टकराव का जोखिम भी बढ़ रहा है।
800 मिलियन डॉलर का यह प्रस्तावित सौदा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सिर्फ एयरक्राफ्ट नहीं, बल्कि निगरानी, संचार, हथियार और लक्ष्य पहचानने की क्षमताओं का पूरा पैकेज शामिल है। ऐसे में आने वाले समय में इराक की सुरक्षा भूमिका और अमेरिका के साथ उसका रक्षा सहयोग दोनों पर नजर रहेगी
Updated on:
1 Sep 2026, 8:08 AM IST
Published on:
1 Sep 2026, 6:18 AM IST
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