US-Iran War: CENTCOM ने यह भी दावा किया कि नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज इसे पार नहीं कर सका।
US Iran Maritime Tensions: अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू किए जाने के बाद जहाजों की आवाजाही को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ब्रिटिश शिपिंग मीडिया लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम दो जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। दरअसल, पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन जहाजों ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) में दर्ज लोकेशन को बदल दिया। पहले ये जहाज ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास जाने की जानकारी दे रहे थे, लेकिन होर्मुज से गुजरते समय इन्होंने अपनी लोकेशन बदलकर पीजी पोर्ट्स कर दिया। हालांकि, स्ट्रेट पार करने के बाद ये जहाज फिर से बंदर अब्बास की ओर बढ़ गए।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की चालबाजी अमेरिका के लिए जहाजों की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने को और मुश्किल बना सकती है, जिससे नाकेबंदी को लागू करने में अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ेगी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 10,000 से ज्यादा सैनिक इस ऑपरेशन में शामिल हैं, जो ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले हर जहाज को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, चाहे वह किसी भी देश का हो। कमांड के मुताबिक, छह व्यापारी जहाजों को अमेरिकी निर्देश के बाद वापस लौटना पड़ा।
CENTCOM ने यह भी दावा किया कि नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज इसे पार नहीं कर सका। इस मिशन में दर्जनों युद्धपोत और कई विमान भी तैनात किए गए हैं। यह नाकेबंदी ईरान के सभी प्रमुख समुद्री इलाकों पर लागू है।
इस बीच, समुद्री डेटा फर्म केप्लर के अनुसार, सोमवार के बाद से कम से कम नौ व्यावसायिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। वहीं CNN की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ऑपरेशन के लिए क्षेत्र में कम से कम 15 अमेरिकी जहाज तैनात हो सकते हैं, हालांकि उनकी सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई भी जहाज अमेरिकी नाकेबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।
तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। जहां पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 10% से भी कम रह गई है। यह गिरावट अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद देखी जा रही है।