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भारत-चीन समेत इस देश में यागी तूफान का कहर, 254 की मौत, 100 से ज्यादा लापता

चीन, फिलीपींस में कहर मचाने के बाद ये तूफान भारत की तरफ बढ़ गया जिससे इसका असर भी दिखाई देने लग गया है। तटीय इलाकों समेत अब उत्तर-मध्य भारत में भी बारिश शुरू हो गई है।

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Typhoon Yagi: इन दिनों यागी तूफान भारत समेत 4 देशों में कहर बरपा रहा है। इस सुपर टाइफून यागी का अब उत्तर भारत में भी असर दिखा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत, (Yagi in India) खासकर दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भारी बारिश हो रही है। वहीं अभी भी चीन, फिलीपींस और वियतनाम (Vietnam) में इसका कहर कम नहीं हो रहा है। इनमें से सबसे ज्यादा हालात वियतनाम के खराब हो रहे हैं। वियतनाम के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि तूफान यागी (Yagi in Vietnam) के कारण भूस्खलन और बाढ़ की वजह से वियतनाम के उत्तरी क्षेत्र में 254 लोगों की मौत हो गई तथा 82 लोग लापता हो गए।

नदी का जलस्तर हुआ कम तो मिली राहत

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने शुक्रवार को बताया कि इस सुपर टाइफून से वियतनाम के लाओ काई, काओ बांग और येन बाई सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत हैं। जहां 111, 43 और 49 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा निवारण, नियंत्रण, खोज और बचाव के लिए शहर की संचालन समिति के अनुसार, राजधानी हनोई में रेड नदी का बाढ़ का पानी चेतावनी स्तर 3 में से 1 से नीचे आ गया है। बाढ़ से निकाले गए लोग अपने घरों में वापस आ गए हैं, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सफाई के लिए सेना को तैनात किया गया है।

धीरे-धीरे पटरी पर लाई जा रही जिंदगी

उत्तर-पूर्वी प्रांत क्वांग निन्ह में यूनेस्को की विश्व धरोहर हा लोंग बे के लिए तीन दिवसीय सफाई अभियान शुरू किया जाएगा, जो तूफान से प्रभावित हुआ है। वियतनाम समाचार एजेंसी के अनुसार, तूफान से तबाह हुए लगभग एक सप्ताह के बाद, शुक्रवार को हेरिटेज पर पर्यटक नौकाओं का सामान्य परिचालन आधिकारिक रूप से फिर शुरू हो गया।

वियतनाम फादरलैंड फ्रंट ने घोषणा की है कि शुक्रवार दोपहर तक, उसके राहत कोष को तूफान यागी से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए देश भर के लोगों से 775.5 बिलियन (31.5 मिलियन डॉलर) का दान मिला है।

लाखों बच्चों के सिर से छिनी छत

संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी (यूनिसेफ) ने एक बयान में कहा कि लाखों बच्चे अपने घर खो चुके हैं। उन्हें स्वच्छ जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच नहीं मिल पा रही है। लगभग 20 लाख बच्चे शिक्षा, मनोवैज्ञानिक सहायता और स्कूल भोजन कार्यक्रमों से वंचित रह गए हैं, क्योंकि स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बिजली और पानी की कमी से प्रभावित हैं।

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