
पाकिस्तना में गैस और पेट्रोल की किल्लत (फोटो- आईएएनएस)
मध्य पूर्व में जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है और इसके चलते पड़ोसी देश पाकिस्तान के सामने बड़ी मुसिबत खड़ी हो गई है। जहां देश पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है वहीं अब ऊर्जा सुरक्षा भी पाकिस्तान के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक हालियां रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के पास गैस, पैट्रोल और कच्चे तेल का बहुत ही सीमित भंडार बचा है, जो कि आने वाले कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है। अगर ऐसी परिस्थिती आती है तो यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सकंट साबित हो सकती है।
पाकिस्तान की सीनेट स्टैंडिंग कमेटी ऑन पेट्रोलियम को दी गई जानकारी के अनुसार देश के पास कच्चे तेल का सिर्फ इतना ही स्टॉक है कि वह 11 दिन ही पर्याप्त रह पाएगा। इसी तरह गैस सिर्फ इतनी ही बची है जो देश की खपत के अनुसार 9 दिन ही चल सके। इसके अलावा डीजल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन और जेट फ्यूल सिर्फ 14 दिन तक ही उपलब्ध रह पाएगा। यह स्थिति देश की ऊर्जा निर्भरता को उजागर करती है, क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात मिडिल ईस्ट से आता है जहां इस समय जंग छिड़ी हुई है। ऐसे में अगर आने वाले कुछ दिनों में गैस, तेल पैट्रोल की सप्लाई पाकिस्तान तक नहीं पहुंचती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों पर असर पड़ा है, जिससे तेल की ढुलाई में देरी हो रही है। पहले जहां रेड सी के जरिए शिपमेंट 4 से 5 दिन में पहुंच जाती थी, अब इसमें करीब 12 दिन लग रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ईरान के साथ बातचीत कर रही है ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति की अनुमति मिल सके। अगर यह समझौता सफल होता है, तो चार जहाजों के जरिए पाकिस्तान में कच्चा तेल लाने की संभावना बनेगी।
अगर किसी कारणवश यह समझौत नहीं हो पता है तो पाकिस्तान के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी क्योंकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि 14 अप्रैल के बाद पाकिस्तान को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है। मार्च में आने वाले आठ एलएनजी कार्गो में से केवल दो ही पहुंच पाए हैं, जबकि अप्रैल की शिपमेंट भी प्रभावित हो सकती हैं। इस बीच वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है, जिससे हाई स्पीड डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने और उद्योगों को सीमित सप्लाई देने पर विचार कर रही है।
Updated on:
19 Mar 2026 04:06 pm
Published on:
19 Mar 2026 04:06 pm
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