
Smartest dog in the UK: कुत्तों की वफादारी पर शायद ही किसी को शक हो, लेकिन उनकी समझदारी पर सवाल करने वाले कई मिल जाएंगे। इन 'कई' लोगों के लिए ब्रिटेन का हार्वे एक उदाहरण है। हार्वे को यूके का सबसे होशियार डॉग माना जाता है। बुडापेस्ट और पोर्ट्समाउथ में जीनियस डॉग्स पर हुए कई शोध के लिए भी उसे चुना गया है। 7 साल का हार्वे इतना होशियार है कि 200 से ज्यादा शब्दों को पहचान सकता है और नाम सुनकर अपने खिलौने उठाकर लाता है। अब वह दूसरे पपीज को होशियार बनाने में मदद कर रहा है।
मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, हार्वे की मालकिन आइरीन हेवलेट (52) ने उसे बचपन में एक खिलौने के नाम पर रिएक्ट करना सिखाया था। 'लिटिल लैम्ब' सुनते ही हार्वे प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता था। आइरीन इससे बेहद उत्साहित हुईं और उन्होंने हार्वे को आगे भी सिखाना जारी रखा। आज वह अपने 221 खिलौनों को नाम से पहचान लेता है। आइरीन ने बताया कि जब हार्वे के सामने किसी खिलौने का नाम पुकारा जाता है, वो जाता है, उसे ढूंढता है और उठाकर ले आता है। वो कभी गलती नहीं करता, इसका मतलब स्पष्ट है कि उसे हर खिलौने का नाम अच्छे से पता है। हार्वे बॉर्डर कॉल्ली ब्रीड का डॉग है, जिन्हें अक्सर चरवाहे भेड़ों को अनुशासन सिखाने के लिए पालते हैं।
आइरीन हेवलेट ने कहा कि हार्वे को इस काम में मजा आता है। जब वह सही खिलौना उठाकर लाता है तो उसे ट्रीट मिलती है। हर कोई हार्वे की होशियारी देखकर चौंक जाता है। उनके लिए यह बड़े ताज्जुब की बात है कि कुत्ता नाम सुनकर सही खिलौना पहचान सकता है। आइरीन को अपने डॉग को ट्रेंड करने की प्रेरणा यूएस डॉग चेज़र पर लिखी एक किताब से मिली। किताब में एक ऐसे डॉग का जिक्र है, जिसने 1,022 चीज़ों के नाम सीख लिए थे। उन्होंने बताया कि शुरुआत में दिक्कत हुई, लेकिन लगातार प्रयास से हार्वे नाम से अपने खिलौने पहचानने लगा। एक जैसे नाम वाले टॉयज कभी-कभी हार्वे को कन्फ्यूज कर देते हैं, लेकिन कुछ देर सोचने के बाद वह सही खिलौना उठा लाता है।
उन्होंने कहा कि कई कुत्ते खिलौनों के बीच बहुत एक्साइटेड हो जाते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं। हालांकि, हार्वे कभी ऐसा नहीं करता। वह बेहद शांत कुत्ता है। आमतौर पर बॉर्डर कॉल्ली बहुत एक्टिव होते हैं और इधर-उधर भागते रहते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करता। एक्स्पर्ट्स का कहना है कि हार्वे जैसे होशियार कुत्ते समाज के बहुत काम आ सकते हैं। उन्हें स्पेशल लोगों की मदद के लिए तैयार किया जा सकता है। पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में ऐसे केवल चंद ही कुत्ते हैं, जिनमें सैकड़ों शब्द सीखने और चीज़ों को उनसे जोड़ने की क्षमता है।