
इज़रायल (Israel) की फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ चल रही जंग जारी है। इसी बीच इज़रायल और ईरान (Iran) के बीच भी तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान लंबे समय से इन दोनों आतंकी संगठनों का बड़ा मददगार रहा है। ऐसे में इज़रायल के इन दोनों आतंकी संगठनों से चल रहे युद्ध की वजह से इज़रायल और ईरान में जो तनाव शुरू हुआ, वो दोनों देशों के एक-दूसरे पर मिसाइलें दागने की वजह से और बढ़ चुका है। ऐसे में पूरे मिडिल ईस्ट (Middle East) में ही तनाव बढ़ा हुआ है। इसी स्थिति को देखते हुए अमेरिका (United States Of America) ने एक बड़ी घोषणा की है।
नई सेना और हथियारोंकी तैनाती
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में नई सेना और मिसाइलों की तैनाती की घोषणा। मिडिल ईस्ट में पहले से ही अमेरिकी सेना है, लेकिन अब वहाँ पुरानी के साथ नई सेना की भी तैनाती होगी। इसके साथ ही अमेरिका मिडिल ईस्ट में B-52 बॉम्बर एयरक्राफ्ट्स और बैलिस्टिक मिसाइलों को भी तैनाती करेगा।
ईरान को दी चेतावनी
अमेरिका ने यह कदम ईरान को चेतावनी देते हुए उठाया है। इज़रायल के जवाबी हमले के बाद से ही ईरान ने साफ कर दिया है कि इज़रायल के हमले का जवाब देना उनका अधिकार और कर्त्तव्य है। अमेरिका लंबे समय से इज़रायल के साथ है और ऐसे में अमेरिका ने इज़रायल के समर्थंन में ईरान को चेतावनी देते हुए यह कदम उठाया है।