
US consulate in Peshawar, Pakistan (Photo - Washington Post)
पिछले करीब एक साल में अमेरिका (United States Of America) और पाकिस्तान (Pakistan) के संबंधों में काफी सुधार हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल में दोनों देशों के बिगड़े संबंध सुधर गए। ट्रंप भी कई मौकों पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) और आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) की तारीफ करने से पीछे नहीं हटते। इसी बीच अब अमेरिका ने पाकिस्तान के विषय में एक बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर (Peshawar) में स्थित अपने वाणिज्यिक दूतावास को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग ने कांग्रेस को सूचित करते हुए दी। गौरतलब है कि पेशावर वाणिज्यिक दूतावास अमेरिका के लिए अहम रहा है। अफगानिस्तान (Afghanistan) बॉर्डर के सबसे पास अमेरिकी मिशन है और 2001 में अफगानिस्तान पर तालिबान के हमले और तख्तापलट के दौरान और उसके बाद महत्वपूर्ण ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स केंद्र रहा है।
अमेरिका ने पेशावर में स्थित अपने वाणिज्यिक दूतावास को बंद करने का फैसला क्यों लिया? मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है। इस फैसले का मुख्य कारण बजट कटौती और ट्रंप प्रशासन के तहत संघीय एजेंसियों में छंटनी है। पेशावर में स्थित वाणिज्यिक दूतावास को बंद करने से अमेरिका को हर साल 7.5 मिलियन डॉलर (करीब 69 करोड़ रूपए) की बचत होगी। हालांकि अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि इस फैसले से दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
Updated on:
12 Mar 2026 10:27 am
Published on:
12 Mar 2026 10:25 am
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