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US Israel Iran War: ईरान में 165 बच्चियों की मौत पर अपनों से ही घिरे ट्रंप; 40 अमेरिकी सीनेटरों ने पेंटागन से मांगा जवाब

Middle East Conflict: ईरान के मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 165 बच्चियों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घिर गए हैं। 40 अमेरिकी सीनेटरों ने इस 'बड़ी चूक' पर रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) से जवाब मांगा है। जानिए कैसे एक पुराने डेटा और गलत लक्ष्य के कारण हुआ यह भयावह हादसा।

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Minab School Attack

ईरान में जारी भीषण युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर खूब शेयर की गई फोटो। उस तस्वीर में एक साथ सैकड़ों कब्र दिखाई दे रहे हैं। (Photo- @araghchi)

US Senators on Minab School Attack: ईरान के मिनाब में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही देश में घिरते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर 40 से अधिक अमेरिकी सीनेटरों ने पेंटागन से जवाब मांगा है। यह हमला ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के दौरान हुआ था।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लिखे पत्र में अमेरिकी सांसदों ने अपनी "गंभीर चिंता" व्यक्त की है। पत्र के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान के मिनाब में एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमलों में 165 मासूम बच्चियों समेत 168 लोग मारे गए थे। यह हमला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त ऑपरेशनों की शुरुआत के समय हुआ था। इस पत्र का नेतृत्व सीनेटर क्रिस वैन होलन, टिम केन, एलिजाबेथ वॉरेन और ब्रायन शैट्ज ने किया, जिसे सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर सहित 40 से अधिक सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ।

अमेरिका-इजरायल ने नहीं ली जिम्मेदारी

सांसदों ने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध कांग्रेस की अनुमति के बिना शुरू किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य अभियान जारी रहने की स्थिति में अमेरिका और इजरायल को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए। पत्र में इस घटना की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। सांसदों ने हमले के परिणामों को भयावह बताते हुए कहा कि मृतकों में अधिकांश 7 से 12 वर्ष की लड़कियां थीं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अभी तक न तो अमेरिका और न ही इजरायल ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने 4 मार्च को इस घटना की समीक्षा करने की पुष्टि तो की थी, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।

कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था, बल्कि गलत लक्ष्य चयन (Targeting error) का परिणाम था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अधिकारियों ने जिन 'कोऑर्डिनेट्स' का उपयोग किया, वे डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के पुराने डेटा पर आधारित थे। रिपोर्ट के अनुसार, जिस स्कूल पर अमेरिकी मिसाइल गिरी, वह पहले पास के ही एक ईरानी नौसेना बेस का हिस्सा हुआ करता था। कई वर्ष पहले इसे बेस से अलग कर स्कूल में परिवर्तित कर दिया गया था, लेकिन अमेरिकी सैन्य रिकॉर्ड में यह अब भी एक सैन्य ठिकाने के रूप में ही दर्ज था।