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10,000 लेखकों ने मिलकर छापी ‘खाली किताब’, एआई के खिलाफ जताई नाराज़गी

हाल ही में 10,000 लेखकों ने मिलकर एक 'खाली किताब' छापी। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Mar 12, 2026

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लंदन बुक फेयर 2026 में इस बार किताबों की चमक-दमक के बीच एक असामान्य किताब चर्चा का केंद्र बन गई। नाम है ‘डोंट स्टील दिस बुक’। दिलचस्प बात यह है कि इस किताब के पन्ने बिल्कुल खाली हैं। यह कोई गलती नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक विरोध है। नोबेल पुरस्कार विजेता काजुओ इशिगुरो, चर्चित लेखक रिचर्ड उस्मान और फिलिप ग्रेगरी समेत लगभग 10,000 लेखकों ने मिलकर यह 'खाली किताब' प्रकाशित की है।

एआई के खिलाफ नाराज़गी

10,000 लेखकों ने एआई के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए यह किताब छापी है। उनका संदेश साफ है कि अगर एआई इसी तरह लेखकों की रचनाओं का बिना अनुमति इस्तेमाल करता रहा, तो भविष्य का साहित्य भी इन्हीं खाली पन्नों जैसा हो जाएगा। लेखकों का आरोप है कि एआई कंपनियाँ अपने ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ को प्रशिक्षित करने के लिए लाखों किताबों को बिना अनुमति स्कैन कर रही हैं। उधर ब्रिटेन सरकार एक ऐसे कानूनी अपवाद पर विचार कर रही है, जिससे कंपनियाँ लेखकों के डेटा का इस्तेमाल बिना रॉयल्टी दिए कर सकें। लेखक इसे सीधे-सीधे 'कानूनी डकैती' बता रहे हैं।

‘खाली पन्नों’ की चेतावनी

लेखकों का तर्क है कि अगर उनके काम का उचित पारिश्रमिक नहीं मिला, तो नई रचनाएं कम होती जाएंगी। नया साहित्य नहीं बनेगा तो एआई भी पुराने डेटा को ही दोहराएगा। नतीजा यह होगा कि पाठकों के सामने या तो उबाऊ, दोहराव भरा कंटेंट होगा या फिर सचमुच के ‘खाली पन्ने’।