
अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर तल्खियां बढ़ती जा रही हैं। अमेरिकी सरकार ने चीन की तीन जीनोमिक्स कंपनियों के उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी है।
इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर और दूसरे जातीय अल्पसंख्यक समुदायों से जबरन मजदूरी कराई। अमेरिका के इस फैसले से चीन की जीनोमिक्स और बायोटेक इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिका की ओर से जिन कंपनियों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है, उनमें BGI Genomics, MGI Tech और Shenzhen BGI Technology शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, Shenzhen BGI Technology को BGI Group के नाम से भी जाना जाता है।
अमेरिका का यह भी आरोप है कि इन कंपनियों ने शिनजियांग की सरकार के साथ मिलकर ऐसे कामों को संभव बनाने में मदद की, जिनका संबंध जबरन मजदूरी से है। इसी आधार पर अमेरिकी प्रशासन ने इनके उत्पादों को लेकर सख्त कदम उठाया है।
अमेरिका के निशाने पर आई तीनों कंपनियां जीनोमिक्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करती हैं। जीनोमिक्स में किसी जीव के डीएनए और उसके जीन से जुड़ी जानकारी का अध्ययन किया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल मेडिकल रिसर्च, बीमारियों की पहचान और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे कामों में होता है।
इन कंपनियों में BGI Genomics और MGI Tech शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। BGI Genomics के शेयर चीन के शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार करते हैं, जबकि MGI Tech के शेयर शंघाई के स्टार मार्केट में सूचीबद्ध हैं। अमेरिका के इस फैसले से इन कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच बनाना मुश्किल हो सकता है।
चीन का शिनजियांग क्षेत्र लंबे समय से मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस के केंद्र में रहा है। यहां उइगर समुदाय और दूसरे मुस्लिम अल्पसंख्यक समूह रहते हैं। इन समुदायों के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार, निगरानी और जबरन मजदूरी को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
अमेरिका और कुछ अन्य पश्चिमी देश चीन पर इन समुदायों के अधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, चीन इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है। बीजिंग का कहना है कि शिनजियांग को लेकर लगाए जाने वाले जबरन मजदूरी और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप गलत हैं।