
Middle East Crisis: ईरान से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक और अहम कदम उठाया है। सदन ने इस मुद्दे पर तीसरी बार मतदान करते हुए मंगलवार को युद्ध संबंधित शक्तियों से जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह प्रस्ताव 220-204 मतों से पारित हुआ। इस प्रस्ताव के तहत राष्ट्रपति ट्रंप की कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई जारी रखने की क्षमता पर रोक लगाई जा सकेगी।
पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच चीन ने बातचीत के जरिए हल निकालने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अमरीका और ईरान दोनों को समझदारी और संयम से काम लेना चाहिए, क्योंकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी टकराव किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची चीन के दौरे पर गए हैं, जिसे तनाव कम करने की कूटनीतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन इजराइल को भारी मात्रा में हथियार बेचने की तैयारी में है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रशासन 20 हजार एमके-84, 20 हजार बीएलयू-117 और इतने ही जेडैम (JDAM) किट वाले 2000 पाउंड के बमों की बिक्री को मंजूरी दे सकता है। इस पूरे रक्षा सौदे की कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर आंकी गई है, जिसे अमरीकी करदाताओं के पैसों से वित्तपोषित किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रशासन ने इस बिक्री को हरी झंडी दे दी है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस खेप में 40 हजार विवादित बमों की बिक्री भी शामिल है, जिसे लेकर मानवाधिकार संगठन पहले भी चिंता जता चुके हैं।
घरेलू राजनीति में भी हलचल तेज है। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के सांसद थॉमस मैसी ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और पद पर रहते हुए युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के आचरण को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया है। मैसी ने प्रतिनिधि सभा में हेगसेथ पर गंभीर अपराध और दुराचार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।