
Donald Trump Iran War Update: आखिर अमेरिका अब ईरान के साथ क्या करना चाहता है? एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ पेंटागन मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर अमेरिका की रणनीति क्या है? क्या ट्रंप युद्ध खत्म करना चाहते हैं? या अमेरिका किसी लंबे संघर्ष के लिए तैयारी कर रहा है?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट ने इन सवालों को और गंभीर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ ईरान युद्ध खत्म होने की घोषणा को लेकर चर्चा कर चुके हैं। हालांकि, इसी दौरान अमेरिका ने क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप निजी तौर पर युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं।
अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव करीब आ रहे हैं। वहीं युद्ध के कारण तेल-गैस (ऊर्जा) की कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में लंबी चलने वाली जंग ट्रंप के लिए राजनीतिक और आर्थिक चुनौती बन सकती है।
ट्रंप का मानना है कि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। यानी अमेरिका बिना लंबे जमीनी युद्ध के भी अपना लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर सकता है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। लेकिन पेंटागन लगातार अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ पश्चिम एशिया में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसका मकसद ट्रंप के पास सैन्य विकल्प खुले रखना है। यानी अमेरिका बातचीत और दबाव दोनों रास्तों पर एक साथ आगे बढ़ रहा है। एक तरफ युद्ध खत्म करने की संभावना पर विचार हो रहा है। दूसरी तरफ सेना को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखा जा रहा है।
इसी बीच ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड’ यानी CENTCOM ने ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए हैं।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हालिया अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत हुई है। 142 लोग घायल भी बताए गए हैं।
अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास करीब 60 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री ढांचा और कम्युनिकेशन नेटवर्क शामिल थे। इस बीच अमेरिका ने मुख्य जलमार्ग से 40 कमर्शियल जहाजों को भी गुजारा। ऐसे में साफ है कि तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
वहीं ईरान होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस लगाने का तरीका बदल रहा है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, लारक आइलैंड पर ईरानी रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया गया। दावा है कि इन लॉन्चरों से माइंस दागने की तैयारी थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह तरीका ईरान के लिए तेज और कम जोखिम वाला हो सकता है। पहले ईरान छोटी नावों से माइंस बिछाता था। रॉकेट से माइंस दागने पर स्ट्रेट के अहम रास्तों को जल्दी निशाना बनाया जा सकता है। इससे जहाजों की आवाजाही पर बड़ा खतरा बढ़ सकता है।