
US Iran War Impact: युद्ध के चलते ईरान में लोग महंगाई से परेशान हो रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुए 8 महीने बीत चुके हैं। इससे ईरान में लोगों को खाने-पीने, किराए, यूटिलिटीज, फ्यूल इन सभी तरह की चीजों में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई का सामना करना पड़ा रहा है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में देखी गई। यह सालाना आधार पर 121.8 फीसदी बढ़ीं है।
इस महंगाई के चलते परिवार अब पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों पर अपने खर्च की कटौती कर रहे हैं। इससे लोगों को सिर्फ खाने-पीने की कीमत पर होने वाले खर्च को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ऐसे में ईरानी परिवारों पर जीवन-यापन की लागत को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
ईरान में युद्ध के बाद पैदा हुई महंगाई की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए इकोनॉमी मंत्री सैयद अली मदनीजादे ने आधिकारिक तौर पर लोगों से माफी मांगी है। इन बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा बोझ कर्मचारियों, रिटायर्ड लोगों और सरकारी कर्मचारियों के जीवन-यापन पड़ रहा है।
ईरानी मीडिया द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि सालाना इन्फ्लेशन रेट बढ़कर 73.6 फीसदी पर पहुंच गई। जो बीते दशकों में ईरान द्वारा देखी गई सबसे गंभीर महंगाई में से एक है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस साल सितंबर महीने के दौरान कंज्यूमर प्राइसेज में लगभग 90 फीसदी का उछाल आया है।
इसका असर यह हुआ है कि लोगों की क्रय शक्ति घट गई है। इससे बढ़ती बेरोजगारी और घटती बचत के बीच लाखों नागरिक अपनी बुनियादी जरूरतों पर होने वाले खर्चों में कटौती करने को मजबूर हैं।
इनमें खाने-पीने की चीजों और मकान के किराये में भारी बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में देखी गई है। यह सालाना आधार पर 121.8 फीसदी बढ़ीं है। वहीं, बात करें किराए कि तो सितंबर में सालाना आधार पर मकान का किराया 32.8 फीसदी बढ़ा, जबकि यूटिलिटीज और फ्यूल की लागत में लगभग 38 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।