Sanctions: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के तेल प्रतिबंधों पर अस्थायी छूट देने का प्रस्ताव रखा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने वार्ता टीम के करीबी सूत्रों के हवाले से यह बड़ा दावा किया है।
Waiver : वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर लगे कड़े तेल प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इस संवेदनशील घटनाक्रम की जानकारी ईरानी बातचीत ने बातचीत में शामिल वार्ता दल के एक बेहद करीबी और विश्वसनीय सूत्र के हवाले से दी है।
नए दस्तावेजों और इनपुट के अनुसार, अमेरिका ने चल रही बातचीत के दौरान अपने पिछले रुख से हट कर एक नया मसौदा सामने रखा है। इस नए टेक्स्ट के मुताबिक, अमेरिका बातचीत की अवधि के दौरान ईरान के कच्चे तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने यानी ओएफएसी छूट देने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन का यह प्रस्ताव अंतिम समझौते तक केवल एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान इस कूटनीतिक बातचीत में अपने रुख पर बहुत सख्त बना हुआ है। तेहरान की ओर से यह मांग दोहराई गई है कि अमेरिका को बातचीत की आड़ में केवल अस्थायी राहत देने के बजाय स्थायी रूप से सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना होगा। ईरान ने जोर देकर कहा है कि पूर्ण प्रतिबंध हटाना ही किसी भी अंतिम समझौते के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धताओं का मुख्य हिस्सा होना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस और ईरान से जुड़ी समुद्री तेल आपूर्तियों पर प्रतिबंधों को लेकर हाल ही में कड़ा रुख अपनाने के बाद इस नए प्रस्ताव को एक महत्वपूर्ण यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति के संकट को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका इस तरह के कूटनीतिक विकल्पों पर विचार करने को मजबूर हुआ है।
अगर अमेरिका की यह अस्थायी छूट प्रभावी होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों बैरल ईरानी कच्चे तेल की वापसी का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे तेल की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे भारत सहित दुनिया के कई बड़े आयातक देशों को बड़ी राहत मिल सकती है।
मध्य-पूर्व में जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध के बीच इस लीक हुई रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ईरानी मीडिया के इस दावे पर अभी तक कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है। लेकिन इस्लामाबाद और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चल रही पर्दे के पीछे की वार्ताओं के बीच इस इनपुट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि क्या तेहरान अमेरिका के इस अस्थायी 'वेवर' प्रस्ताव को स्वीकार करता है या फिर पूर्ण प्रतिबंध हटाने की जिद पर अड़ा रहता है।